प्रदेश सरकार ने वर्ष 2013 के दौरान सरकारी विमानों के तेल पर 4.21 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। यह खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में हुआ है।
आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर को नागरिक उड्डयन विभाग ने यह जानकारी मुहैया कराई है। यूं तो प्रदेश सरकार के पास कुल छह हवाई जहाज हैं, पर इनमें से तीन ही चालू हालत में हैं।
वहीं सरकार के पास चार हेलीकाप्टर हैं, जिनमें से तीन चालू हालत में हैं। प्रदेश के नेताओं व अधिकारियों ने पिछले साल अपनी हवाई यात्राओं के दौरान 4.21 करोड़ रुपये से अधिक का तेल फूंका।
नूतन ने इन विमानों की लॉगबुक भी मांगी थी, लेकिन नागरिक उड्डयन विभाग ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि लॉगबुक पायलट का व्यक्तिगत दस्तावेज होता है।
परिचालन इकाई के पास यह उपलब्ध नहीं है। डॉ. नूतन ठाकुर ने कहा कि अगर लॉगबुक मिल जाती तो सरकारी विमानों से किसने-किसने यात्रा की, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक हो जाती।