पिछड़ी जाति के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण को तीन हिस्से में बांटने के संबंध में सामाजिक न्याय समिति की संस्तुतियों को लागू करने संबंधी चर्चाओं को पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने झूठा प्रचार करार दिया है।
राजभर ने कहा है कि 13 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव को देखते हुए एक बार फिर से दलितों व अति पिछड़ों को गुमराह करने के लिए सरकार की यह चाल है। सरकार को अब आरक्षण के नाम पर दलितों व पिछड़ों को गुमराह करना बंद कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ सियासी फायदा लेने के लिए दलितों व पिछड़ों को समय-समय पर गुमराह करने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाती है। जब मैं मंत्री था तभी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव के छह महीने पहले पिछड़ों के आरक्षण को तीन हिस्सों में विभाजित करने और सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन लोस चुनाव होने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया। इससे स्पष्ट है कि अब उप चुनाव के मद्देनजर सरकार फिर से अति पिछड़ों को गुमराह करने के लिए इस मुद्दे को उछाल रही है।