रामऔतार उसके नीचे दब गए। ठेलिया पलटने के साथ ही एक सांड भी ठेलिया कि ऊपर ही गिर पड़ा। इससे रामऔतार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। निर्मल ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ वह घर पर था। मंडी वालों ने उसके घर पर सूचना थी। उसका घर मंडी के पास ही दुर्गादेवी मंदिर के पास है।
निर्मल ने बताया सब्जी मंडी होने की वजह से वहां पर हमेशा सांड घूमते रहते हैं। निर्मल ने बताया कि हादसे में उसके पिता के सिर तो नहीं फटा मगर कान, नाक से खून निकला। पंचानाम करने के बाद अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इस मामले में पुलिस में कोई कार्रवाई भी की है।