यह खबर चौंकाने वाली है। बड़े-बड़े मकानों में रहने वाले और अच्छी कार में चलने वाले जिन लोगों को समृद्ध समझा जाता है, वे भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले बुजुर्गों की तरह सरकार से वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं। यह तथ्य सामने आया है समाज कल्याण विभाग की रिपोर्ट में।
विभाग ने लाभार्थियों का सत्यापन कराया तो पता चला कि 10 हजार से अधिक अपात्र इसका लाभ ले रहे थे। इन सभी से रिकवरी की जाएगी। रकम वापस न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आया कि ऐसे वृद्ध भी योजना का लाभ ले रहे हैं, जिनके ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में बढ़िया पक्के मकान बने हैं। उनके पास चौपहिया वाहन भी है। तमाम वृद्ध ऐसे मिले, जिनके पुत्र सरकारी नौकरियों में हैं।
इसके अलावा लाभार्थियों की सूची में शामिल 2.5 लाख वृद्धों की मौत हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हर साल योजना का लाभ लेने वाले औसतन इतने वृद्धों की मौत हो ही जाती है। इनके खाते बंद करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।