उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां सेवानिवृत्त अफसर की बेटी से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। नशीला पदार्थ पिलाकर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यूपी की राजधानी लखनऊ अफसर की बेटी से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस की पूरी कोशिश है कि 72 घंटे के अंदर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो जाए। केस की सुनवाई एफटीसी में हो, इसके लिए जिला जज को पत्र भेजा जाएगा। एफटीसी में सुनवाई होने से दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सकेगी।
विज्ञापन
डीसीपी पश्चिम राहुल राज ने बताया कि आरोपी सत्यम, सुहैल और असलम ने साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता के मोबाइल फोन की बैटरी डिस्चार्ज हो गई थी। उसने चाय की दुकान पर काम करने वाले सत्यम को यह समस्या बताई तो उसने सामने खड़ी एंबुलेंस में मोबाइल चार्जिंग पर लगवा दिया। मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाने के बाद आरोपियों ने साजिशन एंबुलेंस को वहां से हटवा दिया था।
पीड़िता सत्यम को जानती थी, इसी का फायदा उसने उठाया। मोबाइल दिलाने के बहाने से सत्यम युवती को ई रिक्शा से आईटी चौराहे तक ले गया। इसके बाद आईटी चौराहे पर सुहैल और असलम कार लेकर पहुंचे। सत्यम ने ही युवती को कार में बैठाने की बात कही। वहां उसे मोबाइल दे दिया गया। इससे युवती को उन पर भरोसा हो गया। फिर आरोपियों ने उसे छोड़ने के बहाने कार में बैठा लिया।
विज्ञापन
आरोपी आईटी चौराहे से सीधे निशातगंज पहुंचे जहां इन लोगों ने शराब, बीयर और गांजा खरीदा। फिर रास्ते में ही युवती को जबरदस्ती शराब, बीयर और गांजा पिला दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की थी।
मिन्नतें करती रही पीड़िता, आरोपियों ने धमकाया-चलती कार से फेंक देंगे
पीड़ित युवती के अनुसार कार असलम चल रहा था। पीछे की सीट पर सत्यम और सुहैल बैठे थे। दोनों ने उसे बीच में दबा रखा था। कालिका रेस्टोरेंट से खाना पैक कराने के बाद आरोपी गाड़ी बाराबंकी के सफेदाबाद की तरफ ले गए। युवती ने आरोपियों से कई बार छोड़ देने की मिन्नतें कीं, पर उन लोगों ने उसे चलती गाड़ी से फेंक देने की धमकी दी। सत्यम ने उसका मुंह दबा लिया और सुहैल ने दुष्कर्म किया। फिर असलम ने दुष्कर्म किया।
वीडियो बना रहा था सत्यम
पीड़िता का कहना है कि इस दौरान सत्यम वीडियो बना रहा था। बाद में सत्यम ने भी युवती से दरिंदगी की। युवती वीडियो डिलीट करने के लिए गिड़गिड़ाती रही, पर सत्यम नहीं माना। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो बनाए जाने की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। आरोपियों के पास से मिले मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
गुनहगारों को सजा दिलवाकर रहूंगी...
उधर, पीड़िता ही नहीं, उसका पूरा परिवार सदमे में है। मां बेटी को पल भर भी अकेला नहीं छोड़ रही। कहती हैं, चंद सेकंड को हटी तो बेटी ने आत्महत्या की कोशिश की। इतना कहते-कहते वो फफक पड़ती हैं। फिर बेटी को हौसला बढ़ाते हुए कहती हैं-डरो नहीं, हम सब साथ हैं। तुम्हारे गुनहगारों को हम सजा दिलवाएंगे...। पर, रह रहकर मां की आंखें डबडबा आती हैं।
पहले तो पीड़िता की मां ने हमें पत्रकार जानकर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। फिर कहा-आप सभी से आग्रह है कि बेटी का नाम न छापें, क्योंकि हमें उसे इस ट्रॉमा से निकालने में आप सबकी मदद चाहते हैं। इसके बाद वह रो पड़ीं...। आंसू रुके तो बोलीं, डर के मारे हम इस घटना को छिपाने की सोच रहे थे।
दिल नहीं माना, तो डायल 112 पर फोन किया। एक सिपाही आया और उसने एक रिटायर्ड आईपीएस और आईएएस अफसर से बात करवाई। उन्होंने हमसे कहा कि आप घटना को छिपा कर अपराध कर रही हैं। फिर जोन के एक अधिकारी ने हमें मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा। पुलिस का साथ मिला तो हम लोगों को हिम्मत आई।