भाजपा में इस समय निर्माण चल रहा है। जी नहीं! ताज्जुब न करें। बात संगठन की नहीं बल्कि कार्यालय की हो रही है। तमाम कमरों का फेरबदल करने के साथ अध्यक्ष जी के बैठने की जगह को बड़ा बनाया जा रहा है।
बताया जाता है कि अध्यक्ष जी उस कमरे में बैठना चाहते हैं जहां से वह सबको देख सके। इसलिए अध्यक्ष के मौजूदा कमरे को नया पार्टीशन लगाकर दूसरे कमरे से जोड़ा जा रहा है।
कार्यालय आने-जाने वाले इस निर्माण को देखते हैं। फिर चुटकी लेते हैं, ‘चलो कुछ तो हो रहा है। बेचारे! पार्टी बढ़ाना तो उनके वश में रहा नहीं। पर, कार्यालय बढ़ाना तो उनके वश में है ही। सो इसे करने में क्यों पीछे रहें।’