सूबे के सरकारी अस्पतालों में काम करने वाली नर्सों को रिटायरमेंट के बाद अब पुनर्नियुक्ति मिल सकेगी। मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार ने यह निर्णय नर्सों की कमी को देखते हुए लिया है।
इसके तहत छह महीने के लिए पुनर्नियुक्ति दी जाएगी। पुनर्नियुक्ति के दौरान उन्हें दिए जाने वाले वेतन का फॉर्मूला तय कर दिया गया है। नर्सों को अंतिम वेतन की राशि से पेंशन राशि को घटाने के बाद जो राशि आएगी उसका भुगतान किया जाएगा।
सरकार 65 वर्ष तक की नर्सों को पुनर्नियुक्ति कर सकती है। सूबे में काफी संख्या में नर्सों के पद खाली चल रहे हैं। मामला कोर्ट में होने के कारण भर्तियां नहीं हो पा रही हैं। जबकि काफी संख्या में नर्सें रिटायर भी हो रही हैं।
जबकि नए अस्पताल खुल रहे हैं। कई सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल भी खुल रहे हैं। इनमें भी नर्सों को रखना है। इसी समस्या को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने रिटायर हो रही नर्सों को फिर से नौकरी पर रखने का प्रस्ताव बनाया।