प्रदेश में वाहनों का वीआईपी नंबर लेने के लिए अब पहले से अधिक खर्च करना होगा। सरकार ने नए सिरे से कीमतों का निर्धारण कर दिया है। दो पहिया वाहनों के लिए वीआईपी नंबरों की कीमत तीन हजार से 20 हजार रुपये तक रखी गई है।
वहीं, चार पहिया वाहनों के लिए यह कीमत 15 हजार से एक लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। यह पहली बार है जब दो पहिया व चार पहिया वाहनों के लिए वीआईपी नंबरों की कीमत का निर्धारण अलग-अलग किया गया है। परिवहन विभाग ने इस बाबत बृहस्पतिवार को अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश में वाहनों के पुराने नंबर लेने के लिए पोर्टबिलिटी सुविधा भी शुरू कर दी गई।
नई नियमावली में दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग न्यूनतम आधार मूल्य निर्धारित किया गया है। इससे पहले 2013 में वाहनों के वीआईपी नंबरों के लिए जो कीमत तय की गई थी, उसके मुताबिक वीआईपी नंबरों को चार अति आकर्षक, अति महत्वपूर्ण, आकर्षक और महत्वपूर्ण श्रेणी में रखा गया था। चारों श्रेणी के लिए क्रमश: 15000, 7500, 6000 और 3000 रुपये कीमत तय की गई थी।
इसकी सबसे विसंगति यह थी कि दो व चार पहिया वाहनों के लिए वीआईपी नंबरों की एक ही कीमत थी। यानि चार पहिया वाहन के लिए जिस वीआईपी नंबर की कीमत 15000 रुपये है, वहीं कीमत दो पहिया वाहन के लिए के लिए भी देना पड़ता था। इसी विसंगति को दूर करने के लिए परिवहन विभाग ने उप्र मोटरयान (27वां संशोधन) नियमावली-2019 तैयार किया था। इसे कैबिनेट ने जून में मंजूरी दे थी, लेकिन अब तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं हो पाई थी।
श्रेणीवार वीआईपी नंबरों की इस प्रकार होगी कीमत
श्रेणी चार पहिया दो पहिया
अति आकर्षक 100000 20,000
अति महत्वपूर्ण 50,000 10,000
आकर्षक 25,000 5,000
महत्वपूर्ण 15,000 3,000
नोट : कीमत रुपये में
दो पहिया के लिए 1,000 व चार पहिया के लिए 5,000 रुपये पोर्टबिलिटी शुल्क
परिवहन विभाग ने मोटरयान नियमावली-1988 में संशोधन करते हुए प्रदेश में वाहन नंबरों की पोर्टेबिलिटी सुविधा शुरू कर दी है। अब वाहन मालिक अपनी पुरानी गाड़ी का नंबर नई गाड़ी के लिए आवंटित करा पाएंगे।
नई नियमावली के तहत दो पहिया के पुराने नंबर को पोर्ट कराने के लिए शुल्क एक हजार रुपये और चार पहिया वाहनों के नंबर के लिए यह पांच हजार रुपये है। हालांकि नंबर पोर्टबिलिटी की नई व्यवस्था के तहत पुराने वाहन का नंबर उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदने पर ही आंवटित कराया जा सकेगा। यानि पुरानी जीप का नंबर नई जीप को ही आवंटित किया जाएगा, न कि कार खरीदने पर।