उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का चारबाग स्टेशन के वाराणसी की ओर दिलकुशा आउटर है। ऐसे ही कानपुर एंड की तरफ आलमनगर आउटर पर ट्रेनों को रुकना पड़ता है। दिलकुशा व आलमनगर तक जाने के लिए डबल लाइन है, लेकिन ट्रेनों का भार इतना अधिक है कि ये लाइनें भी व्यस्त ही रहती हैं।
ऐसे में कानपुर व वाराणसी की ओर से लखनऊ आने वाली ट्रेनों को प्लेटफॉर्मों पर जगह नहीं मिल पाती और उन्हें आउटर पर रोकना पड़ता है। इससे एक ओर जहां यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है, वहीं ट्रेनों को आउटर पर खड़ा करने से पीछे से आने वाली गाड़ियों को रास्ते में ही रोकना पड़ता है और वे लेटलतीफी की शिकार हो जाती हैं।
ऐसे में रेलवे बोर्ड की ओर से इस समस्या से निजात दिलाने के लिए आउटर तक फोरलेन बनाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए रेलवे बजट में पिछले वर्षों में पैसा भी दिया गया। इस बीच 18 सौ करोड़ रुपये से चारबाग स्टेशन के अपग्रेडेशन का खाका तैयार कर लिया गया। हालांकि, अब बोर्ड की ओर से आउटर तक दो और नई लाइनों को बनाने की मंजूरी दे दी गई है।