राज्य सरकार अब प्रदेश में शुगर टूरिज्म को विकसित करेगी। शुगर टूरिज्म कैसे बढ़े, इसके लिए सहकारी चीनी मिल्स संघ के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी चीनी मिलों के चयन, टूरिज्म की प्रक्रिया, आवागमन की व्यवस्था एवं विभागीय स्तर पर संबंधित चीनी मिलों एवं पर्यटन विभाग से समन्वय करके एक माह में अपनी संस्तुतियां देगी।
प्रमुख सचिव गन्ना एवं आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि गठित कमेटी में सहकारी चीनी मिल संघ के एमडी विमल कुमार दुबे के अलावा अतिरिक्त गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर के अतिरिक्त निदेशक द्वारा नामित प्रचार वैज्ञानिक, रायबरेली रोड स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक द्वारा नामित प्रचार वैज्ञानिक, महानिदेशक पर्यटन द्वारा नामित संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी, सूचना निदेशक द्वारा नामित संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी, यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन के महासचिव और अपर गन्ना आयुक्त शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई चीनी मिलें अत्याधुनिक तकनीकी से सुसज्जित एवं हाइवे से जुड़ी हुईं हैं। इनके मिल कैंपस भी आकर्षक साज-सज्जा वाले हैं। प्रदेश में कई एथनॉल प्लांट भी अत्याधुनिक हैं। इनका उपयोग भी शुगर टूरिज्म के लिए पर्यटन स्थल के रूप में उपयोग किया जा सकता है।