लखनऊ। विवादों के बीच करीब 15 महीने बाद हैदराबाद की कंपनी रामकी (लखनऊ स्वच्छता अभियान) को नगर निगम ने बुधवार को शहर की 825 किमी मुख्य मार्गों की सफाई का काम सौंप दिया। इसके साथ ही इन मार्गों पर कार्यदायी संस्थाओं के जरिये लगे करीब एक हजार सफाई कर्मचारी भी हटा दिए गए हैं। यहां अब कंपनी मशीनों के जरिये सफाई कराएगी।
नगर निगम में 110 वार्ड हैं, जिनमें से 77 वार्डों में घरों से कूड़ा कलेक्शन और उसे शिवरी प्लांट तक पहुंचाने का काम निजी कंपनी रामकी बीते साल मार्च से कर रही है। हालांकि, कंपनी को टेंडर के तहत झाड़ू लगाने और नालियों की सफाई का काम भी कराना है, लेकिन पार्षदों के विरोध के चलते यह काम कंपनी को अभी तक नहीं दिया जा सका था, क्योंकि पार्षदों की मांग पर यह काम कार्यदायी संस्थाएं कर रही थीं।
बीते एक साल में कंपनी को झाड़ू लगाने का काम देने के लिए कई बार सदन से लेकर बाहर तक भारी हंगामा हुआ। इसके बाद अब कंपनी के काम में कटौती कर उसे सिर्फ मुख्य मार्गों की सफाई दी गई है।
टेंडर में 8,000 किमी सड़कों की सफाई की थी बात
कंपनी चयन को लेकर नगर निगम ने जब टेंडर किया था तब यह कहा गया था कि कंपनी 8,000 किमी सड़कों की सफाई करेगी, लेकिन यह शुरू नहीं हो पाया। काम शुरू करने से पहले कंपनी ने सर्वे भी कराया तो सड़कों की सफाई का काम बढ़कर 13,500 किमी पहुंच गया। इस पर पार्षदों ने भारी विरोध किया, जिस पर समिति गठित की गई और अब सर्वे और समिति की सहमति के बाद रामकी को 825 किमी उन सड़कों की सफाई का काम दिया गया है, जो शहर के मुख्य मार्ग हैं।
किस जोन में कितने किमी होगी मशीन से सफाई
जोन एक-158 किमी
जोन तीन-186 किमी
जोन चार-218 किमी
जोन छह-125 किमी
जोन सात-138 किमी
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Iरामकी कंपनी के पास पांच जोन में आने वाले 77 वार्डों का काम है, जिसमें मुख्य मार्गों की सफाई कंपनी करेगी। कुछ मुख्य मार्ग एक लेन हैं तो कई जगह डिवाइडर रोड है। इस तरह कुल मिलाकर 825 किमी सड़कों की सफाई का काम निजी कंपनी करेगी। I
I- संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगमI