प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में भी मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों को नौकरी दी जाएगी। प्रदेश सरकार ने उतर प्रदेश सेवा काल में मृत सरकारी सेवक के आश्रितों की भर्ती नियमावली 1974 (यथा संशोधित) को औद्योगिक विकास प्राधिकरण में लागू करने का फैसला किया है।
प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने बताया है कि सरकारी सेवाओं में सरकारी सेवकों की सेवा काल में मृत्यु हो जाने की दशा में उनके परिवार के एक सदस्य को परिवार की आर्थिक कठिनाई को दूर करने के लिए सरकारी सेवा में नियमों को शिथिल करते हुए नियुक्ति देने की व्यवस्था है। लेकिन प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरण में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं है।
इससे प्राधिकरण के किसी कर्मचारी की सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर उसके परिवार को घोर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार ने मृतकों के परिवारों की आर्थिक कठिनाई को दूर करने के लिए औद्योगिक विकास प्राधिकरण में सेवारत कर्मचारियों की मृत्यु की दशा में मानवीय आधार पर उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का फैसला किया है।
अपर मुख्य सचिव ने बताया है कि ये नियुक्तियां सामन्यत: समूह ग व घ के ऐसे गैर तकनीकी अधीनस्थ पदों पर ही की जाएंगी जिनके वेतनमान का अधिकतम पे मैट्रिक्स लेवल-4 हो। ये पद पदोन्नति के लिए आरक्षित नहीं होने चाहिए। प्राधिकरण के मृतक सेवकों के आश्रितों को जिन पदों पर नियुक्ति दी जाएगी उनको बाद में सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों द्वारा रिक्त किए गए पदों के विरुद्ध समायोजित किया जाएगा।
यह आदेश लोक सेवा आयोग तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परिधि में आने वाले पदों पर लागू नहीं होंगे। ये आदेश समस्त औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों को भेज दिया गया है।