यूपी सरकार अब छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई योजना को मोबाइल एप के जरिए छात्रों तक पहुंचाने की तैयारी में है। एनआईसी को एप डेवलपमेंट की जिम्मेदारी दी गई है। इससे न केवल आवेदन की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि छात्रों को स्टेटस ट्रैकिंग, नोटिफिकेशन और भुगतान की जानकारी भी मोबाइल पर मिल सकेगी। इस सुविधा से 60 लाख से ज्यादा छात्र लाभान्वित होंगे।
अब उत्तर प्रदेश के छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने के लिए लैपटॉप या साइबर कैफे पर निर्भर नहीं रहना होगा। जल्द ही मोबाइल एप के माध्यम से छात्र घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर को एप विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार की यह डिजिटल पहल करीब 60 लाख छात्रों के लिए राहत बनकर आएगी।
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प्रदेश सरकार ढाई लाख रुपये तक सालाना आय वाले एससी-एसटी छात्रों और दो लाख रुपये तक सालाना आय वाले अन्य वर्गों के छात्रों को इस योजना का लाभ देती है। फिलहाल छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई के लिए वेबसाइट पर आवेदन करना होता है, लेकिन कई बार आवेदन में त्रुटि होने या दस्तावेज अधूरे रहने पर छात्रों को जानकारी तक समय से नहीं मिल पाती। इस समस्या के समाधान के लिए समाज कल्याण विभाग एक ऐसा मोबाइल एप तैयार करवा रहा है, जिसमें पंजीकरण, आवेदन फाॅर्म भरना, दस्तावेज अपलोड करना, स्टेटस ट्रैकिंग, भुगतान की सूचना, विभागीय नोटिफिकेशन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
एप की सेटिंग में अगर छात्र नोटिफिकेशन की अनुमति देंगे, तो उन्हें सीधे मोबाइल पर ये अपडेट मिलते रहेंगे कि आवेदन स्वीकार हुआ या नहीं, दस्तावेजों में क्या कमी है, कब पैसा खातें में जाएगा आदि।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का सिस्टम अभी तक केवल महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में लागू हुआ है। अब यूपी भी इसमें शामिल होकर डिजिटल शासन को एक नया मुकाम देगा। सरकार का उद्देश्य है कि शत-प्रतिशत पात्र छात्रों को इस योजना का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। इस एप को इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू किए जाने की संभावना है।