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यूपी : ग्रामीण इलाकों में सुधरेंगी स्वास्थ्य सेवाएं, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से शहरी डॉक्टर करेंगे इलाज

Thu, 08 Aug 2019 05:34 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : self
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प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के लोगों को बेहतर इलाज देने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेसिंग सुविधा का प्रयोग किया जाएगा। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में महत्वाकांक्षी जिले बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, श्रावस्ती, चित्रकूट, फतेहपुर, सिद्धार्थ नगर, सोनभद्र के अलावा वाराणसी और गोरखपुर को चुना गया है। यहां के एक-एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ई-पीएचसी के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो निजी कंपनियों से एमओयू किया है। 
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परियोजना के तहत सेवा प्रदाता कंपनियां ओपीडी सेवाओं के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कमांड सेंटर पर तैनात एमबीबीएस डॉक्टर रोगी से बात करेंगे और चिकित्सकों को निर्देश देकर उसे इलाज देंगे। मरीज का पंजीकरण वहां तैनात एएनएम या जीएनएम करेंगी। जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी सिर्फ ई-पीएचसी पर पेयजल और बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराएंगे।

सेवा प्रदाता एक कमांड सेंटर स्थापित करेगा, जिसके माध्यम से ओपीडी की सेवाएं दी जाएंगी। सभी मरीजों का इलेक्ट्रानिक मेडिकल रिकार्ड (ईएमआर) भी रखा जाएगा। इसके बदले कंपनी को प्रति मरीज 130 रुपये का भुगतान किया जाएगा। कंपनी ही मरीज को दवा और जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।
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इन पीएचसी का किया गया चयन 

योजना के तहत बहराइच की लौकाही, बलरामपुर की बघनी, चंदौली की कमालपुर, चित्रकूट की ऊंचाडीह, फतेहपुर की ललौली, श्रावस्ती की नासिरगंज, सिद्धार्थ नगर की माधौपुर कलान, सोनभद्र की सतबहनी, वारणसी की सारनाथ, गोरखपुर की रामपुर पीएचसी  का चयन किया गया है। 

कंपनी को यह करनी हाेंगी व्यवस्थाएं
  • ई-पीएचसी पर एएनएम या जीएनएम, एक लैब टेक्नीशियन, एक फार्मासिस्ट।
  • 64 तरह की दवाओं की आपूर्ति, दो शहरी पीएचसी पर दवा वितरण ।
  • 21 तरह की पैथोलॉजी जांच, मानक के अनुसार इमरजेंसी सेवाएं।
  • मरीजों की शिकायतों के निस्तारण के लिए मोबाइल नंबर का डिस्प्ले।
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इन जांचों की मिलेगी सुविधा

यूरिन, ब्लड बाइल पिगमेंट्स, यूरिन बाइल साल्ट्स, यूरिन स्पेसिफिक ग्रेविटी, यूरिन रिएक्शन, यूरिन सुुगर, फाइलेरिया पैरासाइट्स, यूरिन फॉर एल्ब्युमिन, ईएसआर, ब्लड सुगर, हीमोग्लोबिन, ईसीजी, ब्लड प्रेशर, यूरिन डिपॉजिट्स, रैपिड टायफाइड, आरपीआर, रैपिड मलेरिया कालाजार प्रेगनेंसी, रैपिड एचआईवी डेंगू, वीडीआरएल, ऑकल्ट ब्लड, विडाल टेस्ट, टोटल डब्लूबीसी काउंट की सुविधा ई-पीएचसी पर मिलेगी। इसके अलावा टीबी मरीजों का स्पुटम लेकर जांच के लिए नजदीकी केंद्र भी भेजना होगा।

ई-पीएचसी की सुविधा के लिए दो कंपनियों के साथ एमओयू हुआ है। सभी दस ई-पीएचसी को पूरी तरह से कंपनियों को हस्तांतरित किया जाएगा। इलाज, जांच की सभी सुविधाएं और मानव संसाधन भी ई-पीएचसी पर कंपनी ही उपलब्ध कराएगी। कमांड सेंटर से कंपनी ई-पीएचसी पर आने वाले मरीजों को एमबीबीएस डॉक्टर से सलाह देंगे।
-डॉ. पद्माकर सिंह , महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य
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