योजना के तहत बहराइच की लौकाही, बलरामपुर की बघनी, चंदौली की कमालपुर, चित्रकूट की ऊंचाडीह, फतेहपुर की ललौली, श्रावस्ती की नासिरगंज, सिद्धार्थ नगर की माधौपुर कलान, सोनभद्र की सतबहनी, वारणसी की सारनाथ, गोरखपुर की रामपुर पीएचसी का चयन किया गया है।
कंपनी को यह करनी हाेंगी व्यवस्थाएं
- ई-पीएचसी पर एएनएम या जीएनएम, एक लैब टेक्नीशियन, एक फार्मासिस्ट।
- 64 तरह की दवाओं की आपूर्ति, दो शहरी पीएचसी पर दवा वितरण ।
- 21 तरह की पैथोलॉजी जांच, मानक के अनुसार इमरजेंसी सेवाएं।
- मरीजों की शिकायतों के निस्तारण के लिए मोबाइल नंबर का डिस्प्ले।
यूरिन, ब्लड बाइल पिगमेंट्स, यूरिन बाइल साल्ट्स, यूरिन स्पेसिफिक ग्रेविटी, यूरिन रिएक्शन, यूरिन सुुगर, फाइलेरिया पैरासाइट्स, यूरिन फॉर एल्ब्युमिन, ईएसआर, ब्लड सुगर, हीमोग्लोबिन, ईसीजी, ब्लड प्रेशर, यूरिन डिपॉजिट्स, रैपिड टायफाइड, आरपीआर, रैपिड मलेरिया कालाजार प्रेगनेंसी, रैपिड एचआईवी डेंगू, वीडीआरएल, ऑकल्ट ब्लड, विडाल टेस्ट, टोटल डब्लूबीसी काउंट की सुविधा ई-पीएचसी पर मिलेगी। इसके अलावा टीबी मरीजों का स्पुटम लेकर जांच के लिए नजदीकी केंद्र भी भेजना होगा।
ई-पीएचसी की सुविधा के लिए दो कंपनियों के साथ एमओयू हुआ है। सभी दस ई-पीएचसी को पूरी तरह से कंपनियों को हस्तांतरित किया जाएगा। इलाज, जांच की सभी सुविधाएं और मानव संसाधन भी ई-पीएचसी पर कंपनी ही उपलब्ध कराएगी। कमांड सेंटर से कंपनी ई-पीएचसी पर आने वाले मरीजों को एमबीबीएस डॉक्टर से सलाह देंगे।
-डॉ. पद्माकर सिंह , महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य