अल्पसंख्यकों के लिए प्रदेश में शुरू होने वाली एजुकेशन हब योजना के तहत निजी क्षेत्र को भी मॉडल इंटर कॉलेज खोलने का मौका दिया जाएगा। सरकार निजी संस्थानों को जिलों में एक मॉडल इंटर कॉलेज के लिए तीन करोड़ रुपये अनुदान देगी।
जिन जिलों में सरकार को राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज खोलने के लिए जमीन नहीं मिल रही है, वहां दोनों ही मॉडल कॉलेज निजी क्षेत्र खोल सकते हैं। सरकार ने इसकी शर्तें भी तय कर दी हैं। इससे उन निजी क्षेत्रों के लोगों को फायदा होगा जो पहले से शैक्षणिक क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
मॉडल कॉलेज खोलने के लिए निजी क्षेत्रों के ऐसे विद्यालय, महाविद्यालय व विश्वविद्यालयों को हरी झंडी दी जाएगी जिनके पास मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षा देने की सभी सुविधाएं हैं।
एजुकेशन हब के लिए कम से कम 5000 वर्गमीटर की भूमि होनी चाहिए। निजी क्षेत्रों को मॉडल इंटर कॉलेज तैयार करने के लिए सरकार 50-50 फीसदी की दो किस्तों में पैसा देगी।
निर्माण कार्य में निगरानी के लिए डीएम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (डीएमओ) व डीएम की ओर से नामित लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की एक समिति बनेगी। इस समिति के तकनीकी परीक्षण रिपोर्ट पर ही अगली किस्त जारी होगी। विद्यालय का संचालन माध्यमिक शिक्षा विभाग की निगरानी में चलेगा। डीएम व डीएमओ के पास यह अधिकार होगा कि वे कभी भी इन कॉलेजों का निरीक्षण कर सकेंगे।