टोकन मनी ही सही लेकिन यदि रेल अफसरों की माने तो जल्द ही लखनऊ में रेल यात्रा और सुविधाजनक होगी।
रेल बजट में लखनऊ के लिए भले ही कोई बड़ी योजना नहीं दिखी लेकिन जो पैसा दिया गया है उससे कई दम तोड़ रही परियोजनाओं को संजीवनी मिलेगी।
रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने इसके लिए टोकन मनी आवंटित कर इन योजनाओं को फिर शुरू करने की तैयारी की है।
फिलहाल रेलवे लंबित योजनाओं को उनकी मांग की तुलना में पांच प्रतिशत धन मुहैया करा सका है, अब इन योजनाओं के वर्ष 2015 में पेश होने वाले रेल बजट में भरपूर बजट मिलने के बाद गति पकड़ने की उम्मीद है।
चलती ट्रेन में सीटों की उपलब्धता की जानकारी के लिए टीटीई के हाथ में हैड हैंडलिंग टर्मिनल सिस्टम देने की घोषणा पर इस बजट में दोबारा की गई है।
इसके अलावा पिछली सरकार की ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों के साथ ही ऐशबाग-पीलीभीत वाया सीतापुर अमान परिवर्तन के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
चारबाग स्टेशन के यार्ड रिमाडलिंग, चार नई रेल लाइन बिछाने और चार नए प्लेटफार्म की योजना बजट में शामिल कर ली गयी हालांकि इसके लिए केवल 10 लाख रुपये ही मिल सके।
इसी तरह कपिलवस्तु से बस्ती वाया बांसी नई लाइन के लिए भी केवल एक करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है।