इस तरह से 10 सेमेस्टर में कुल प्रश्नपत्रों की संख्या 70 होती है। बीसीआई के नियमों के अनुसार इसका 20 फीसदी यानी 14 पेपर गैर विधि क्षेत्र के होंगे। एलएलबी ऑनर्स में इस समय अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र समेत कई विषय पढ़ाये जाते हैं। अब इसमें समाजशास्त्र और पॉलीटिकल साइंस प्रश्नपत्र शामिल किये गये हैं।
ये प्रश्नपत्र शुरुआती सेमेस्टर में पढ़ाए जाएंगे। इसके बाद प्रथम सेमेस्टर में लॉ ऑफ टॉर्ट के स्थान पर समाजशास्त्र, दूसरे सेमेस्टर में लॉ ऑफ क्राइम के स्थान पर लॉ ऑफ टॉर्ट, तीसरे सेमेस्टर में लॉ ऑफ क्राइम-2 के स्थान पर लॉ ऑफ क्राइम-1, चौथे सेमेस्टर में बैंकिंग लॉ को तीसरे पेपर तथा लॉ ऑफ क्राइम-2 को पेपर-5 के स्थान पर कर दिया गया है।
चौथे सेमेस्टर के तीसरा पेपर इंश्योरेंश लॉ को नौवें सेमेस्टर के तीसरे पेपर के रूप में रखा गया है।
विधि संकाय ने एलएलएम के आर्डिनेंस में भी बदलाव कर दिया है। एलएलएम में एक पेपर में पास होने के लिए न्यूनतम 24 नंबर पर पास होने को मंजूरी दे दी है। लविवि में अभी तक एलएलएम में पास होने के लिए पेपर में न्यूनतम 28 नंबर होने की अनिवार्यता थी।
विवि ने वर्ष 2014-15 में पीजी आर्डिनेंस में बदलाव किया था। आर्डिनेंस में थ्योरी में पास होने के लिए न्यूनतम 24 नंबर पाने की अनिवार्यता रखी गई। इसके बावजूद एलएलएम में यह सीमा 28 नंबर की ही थी। इसके खिलाफ कुछ विद्यार्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद यह बदलाव किया गया है।
लविवि में वर्ष 2010-11 के आर्डिनेंस में परास्नातक स्तर पर 100 नंबर के पेपर में 80 नंबर की थ्योरी और 20 नंबर सेशनल के होते थे। पुराने आर्डिनेंस में थ्योरी में पास होने के लिए विद्यार्थी को कम से कम 40 फीसदी नंबर लाने थे।
वर्ष 2014-15 में आर्डिनेंस में बदलाव के बाद 100 नंबर के पेपर में 70 नंबर की थ्योरी और 30 नंबर सेशनल के कर दिये गए। नए आर्डिनेंस में थ्योरी में पास होने के लिए न्यूनतम 24 नंबर पाने की अनिवार्यता रखी गई।
इसके बावजूद लविवि ने एलएलएम में पुराने आर्डिनेंस का उपयोग करके विद्यार्थियों को 24 से ज्यादा नंबर लाने के बावजूद फेल किया गया। इसको लेकर फेल विद्यार्थियों ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। विवि ने हाईकोर्ट में गलती स्वीकार करने के बाद एलएलएम के आर्डिनेंस में भी इसे शामिल कर लिया है।
लविवि में 19 अगस्त को वित्त समिति की बैठक प्रस्तावित है। इसके साथ ही 20 अगस्त को कार्य परिषद की बैठक भी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि एकेडमिक काउंसिल में सिलेबस पास होने के बाद इन पर कार्य परिषद की मंजूरी ली जाएगी। इसी बीच वित्त समिति की बैठक होगी ताकि इसके प्रस्तावों पर भी कार्य परिषद की अनुमति ले ली जाये।