वीरवर लक्ष्मण की नगरी कहे जाने वाले लखनऊ में भी गोमती पर विकास प्राधिकरण लक्ष्मण झूला जैसा पुल बनाएगा। लोहे के रस्सों वाला यह पुल झूलता रहेगा।
यह ऐसा पुल होगा जिस पर चौपहिया वाहन नहीं ले जाएंगे। केवल पैदल, साइकिल और बाइक से गोमती पार की जा सकेगी।
यह पुल गोमती रिवर फ्रंट डवलपमेंट स्कीम का ही हिस्सा होगा। इसके जरिए गोमती के दोनों छोर के सुंदरीकरण को लोग देख सकेंगे।
इससे रास्ता भी करीब तीन किलोमीटर कम हो जाएगा। राजधानी के पर्यटन को भी इस पुल से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अब तक लक्ष्मण झूला का पुल ऋषिकेश में ही है। ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला की ही तर्ज पर एक राम झूला भी है। दोनों ही पुलों की वजह से इस तीर्थ नगरी का आकर्षण और भी बढ़ जाता है।
गोमती पर भी ऐसा ही पुल बना कर यहां भी न केवल जनता को सहूलियत दिए जाने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर, गोमती का आकर्षण भी बढ़ाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त अभी लोगों को चिरैया झील से हनुमान सेतु तक पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। उनके लिए यह दूरी कम हो जाएगी।
गोमती तट सुंदरीकरण योजना का अहम हिस्सा
गोमती सुंदरीकरण योजना के लिए आर्किटेक्ट कंपनी अरबन एक्वा ने पूर्व में जो प्लान बनाया था, उसमें इस पुल को भी शामिल किया गया था।
पूर्व के सारे प्लान तो मुख्यमंत्री ने दरकिनार कर दिए, मगर यह पुल अब भी है। सालों पहले चिरैया झील से हनुमान सेतु बंधे के लिए एक पीपे वाला पुल बनाया गया था।
मगर बाद में इसे खत्म कर दिया गया था।मगर सालों तक उस पीपे वाले पुल को खासा उपयोगी माना जाता रहा। उसी तर्ज पर झूले वाला पुल बनाने की परिकल्पना है।