प्रदेश में जुगाड़ से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब मुश्किल हो गया है। चाहे आप कितने ही बड़े रसूखदार क्यों न हों, आवंटित टाइम स्लॉट से पहले डीएल के लिए बायोमीट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं करा पाएंगे।
परिवहन विभाग की नई व्यवस्था से उन्हें सर्वाधिक परेशानी शुरू हो गई है, जो दूसरे राज्यों में रहकर नौकरी या शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे आवेदक गृह जनपद से डीएल बनवाने के लिए आवंटित टाइम स्लॉट को जुगाड़ से बदला लेते थे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पहले दिन 10 फरवरी को सर्वाधिक प्रभाव लखनऊ में देखने को मिला। यहां 60 वीआईपी डीएल की बायोमीट्रिक प्रक्रिया पूरी किए बिना आरटीओ से लौट गए। इनमें राजनेता, उनके करीबी और बड़े पदों पर काबिज अफसर शामिल थे। गौरतलब है कि लखनऊ के आरटीओ में रोजाना 450 आवेदक में से 50 से 70 वीआईपी बायोमीट्रिक प्रक्रिया के लिए आते हैं। वर्तमान में लर्निंग डीएल बनवाने की वेटिंग लगभग डेढ़ माह चल रही है।
अब आवेदक को लर्निंग व परमानेंट डीएल के लिए जो टाइम स्लॉट की तारीख मिलेगी, उसी पर और उसके दो दिन बाद तक बायोमीट्रिक प्रक्रिया कराने की सहूलियत मिलेगी। -संजीव गुप्ता, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), आरटीओ लखनऊ