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यूपी: अब विधान परिषद स्थानीय निकाय क्षेत्र के चुनाव में जुटेगी भाजपा, उच्च सदन में बहुमत हासिल करने पर नजर

Tue, 13 Jul 2021 10:36 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

सौ सदस्यों वाली विधान परिषद में अभी सपा के 48, भाजपा के 32, बसपा के छह, कांग्रेस के दो, अपना दल के एक, शिक्षक दल के एक, निर्दलीय समूह के 2, निर्दलीय तीन और पांच रिक्त पद हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पंचायत चुनाव में जीत से उत्साहित भाजपा अब विधान परिषद स्थानीय निकाय क्षेत्र की 35 सीटों पर होने वाले चुनाव की तैयारियों में पूरी ताकत के साथ जुटेगी। फरवरी-मार्च में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर विधान परिषद चुनाव करीब तीन महीने पहले दिसंबर में कराए जा सकते हैं। परिषद चुनाव में जीत मिलने के साथ ही भाजपा उच्च सदन में भी बहुमत में आ जाएगी।

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सौ सदस्यों वाली विधान परिषद में अभी सपा के 48, भाजपा के 32, बसपा के छह, कांग्रेस के दो, अपना दल के एक, शिक्षक दल के एक, निर्दलीय समूह के 2, निर्दलीय तीन और पांच रिक्त पद है। पांच रिक्त पदों में से मनोनीत क्षेत्र के चार सदस्यों का कार्यकाल 5 जुलाई को समाप्त हुआ है। प्रदेश सरकार की ओर से रिक्त पदों पर मनोनयन की कार्रवाई चल रही है।

विधान परिषद में स्थानीय निकाय क्षेत्र की 35 सीटों का कार्यकाल 7 मार्च 2022 को समाप्त हो रहा है। वर्तमान में स्थानीय निकाय क्षेत्र से अधिकांश एमएलसी सपा से हैं। परिषद में बहुमत के लिए भाजपा को निकाय क्षेत्र की 35 में से कम से कम 15 सीटों पर जीत जरूरी है। पार्टी ने परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशियों की तलाश शुरू कर दी है। चुनाव में निर्वाचन क्षेत्र बड़ा होने के कारण पार्टी उम्मीदवारों को प्रचार और जनसंपर्क के लिए पर्याप्त समय देना चाहती है। लिहाजा अगस्त के अंत तक पार्टी की ओर से प्रत्याशी चयन की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।

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भाजपा केवल चुनाव प्रबंधन करेगी, वित्तीय प्रबंधन खुद करना होगा

पार्टी सूत्रों के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तर्ज पर परिषद चुनाव में भी भाजपा केवल प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रबंधन करेगी, वित्तीय प्रबंधन प्रत्याशी को स्वयं करना होगा। उधर, पार्टी ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों, क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी और पार्टी की विचारधारा से जुड़े ग्राम प्रधानों को भी परिषद चुनाव के मद्देनजर साधने की तैयारी शुरू कर दी है।

भाजपा की आगामी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इस पर भी मंथन किया जाएगा। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तरह परिषद चुनाव में भी 80 से 90 प्रतिशत सीटें जीतकर भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में चौतरफा लहर चलाना चाहती है, ताकि विधान सभा चुनाव में उसका लाभ उठाया जा सके।

सपा से टूट सकते हैं सदस्य
वर्तमान में निकाय क्षेत्र से सपा के विधान परिषद सदस्यों में कुछ सदस्य टूटकर भाजपा में जा सकते है। कुछ सदस्यों ने क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक जमीन दिखाते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क भी शुरू किया है। उनका मानना है कि प्रदेश में चुनाव में सत्ताधारी दल का प्रभाव चलेगा। लिहाजा भाजपा से अलग रहकर सीट जीतना उनके लिए मुश्किल होगा।
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