महानगर की काला कांकर कॉलोनी के पीछे नाले पर अतिक्रमण करने वालों की अराजकता से अपने मकान पर ‘बिकाऊ है’ के पोस्टर लगाने वालों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने आखिरकार कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
शनिवार को 90 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी कर अस्थायी अतिक्रमण तीन और स्थायी अतिक्रमण सात दिन में हटाने की मोहलत दी गई। वहीं, एसीएम पंचम ने कॉलोनी के लोगों से मुलाकात कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
अराजकता से आजिज आकर कॉलोनी के कई लोगों ने चार दिन पहले अपने मकान पर ‘बिकाऊ है’ का पोस्टर लगा दिया था।
‘अमर उजाला’ ने सबसे पहले सिलसिलेवार तरीके से खबरें प्रकाशित कर यहां रहने वालों की समस्या को प्रमुखता से उठाया।
जिसके बाद पुलिस व प्रशासन की नींद टूटी और तत्काल कॉलोनी में सुरक्षा बढ़ाई गई। 24 घंटे के लिए दो शिफ्ट में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए।
कॉलोनी के लोगों ने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर से मुलाकात की तो उन्होंने भी सुरक्षा का भरोसा दिया और अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के मांगने पर फोर्स उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
मामले में डीजीपी ऑफिस ने भी रिपोर्ट तलब की थी। शुक्रवार को नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने कॉलोनी जाकर लोगों से बात की और अतिक्रमण का जायजा लिया।
इसके बाद शनिवार सुबह नगर निगम जोन चार के एक्सईएन सुरेश मिश्र के नेतृत्व में टीम कॉलोनी पहुंची और नाले पर अतिक्रमण करने वाले 90 से अधिक लोगों को नोटिस दिलवाया।
जिन्होंने नोटिस नहीं लिया, उनके दरवाजे पर इसे चस्पा कर फोटोग्राफी कराई गई। इसके बाद एसीएम पंचम सत्यम मिश्र व महानगर इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने कॉलोनी के लोगों को सुरक्षा के साथ अन्य समस्याओं को लेकर प्रभावी कार्रवाई का भरोसा दिया।
अब नगर विकास मंत्री से शिकायत
काला कांकर कॉलोनी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. रवि शंकर गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिये नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन से शिकायत की। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों की शिकायत करने के साथ नाले से अतिक्रमण हटवाने की मांग की।
महापौर के आवास के सामने गाएंगे रामधुन
लोगों ने शनिवार सुबह महापौर संयुक्ता भाटिया से शिकायत करने का मन बनाया। हालांकि, कई बार फोन करने पर भी उनसे बात नहीं हो सकी। कॉलोनी के डॉ. रवि शंकर गुप्ता व जय अरोरा ने बताया कि महापौर कुछ महीने पहले ही नाले से अतिक्रमण हटाने को लेकर दो बार आदेश जारी कर चुकी हैं, पर नगर निगम के अधिकारियों ने अमल नहीं किया। ऐसे में लोग महापौर से शिकायत करना चाहते हैं, लेकिन उनसे बात तक नहीं हो सकी। इस पर महापौर के निजी सचिव को फोन कर एक सप्ताह में अतिक्रमण की समस्या को लेकर कार्रवाई न होने पर महापौर के आवास के सामने धरना देकर रामधुन गाने की बात कही गई है।
40 साल से रह रहे, अब कहां जाएंगे?
काला कांकर कॉलोनी के पीछे नाले पर अतिक्रमण करने वाले परिवारों में नोटिस मिलने से हड़कंप मच गया। नाले पर मकान बनाकर रहने वाली नाजमीन, जेबा व नसीम बानो ने कहा करीब 40 साल से यहां रह रहे हैं, अब सात दिन में कहां चले जाएं। इन्होंने प्रशासन से दूसरी जगह विस्थापित कराने या कुछ और समय की मोहलत मांगी। मो. अहमद व शमशाद ने कहा, प्रशासन बीच का रास्ता निकाले, जिससे हमारा घर भी न उजड़े और कॉलोनी के लोगों की परेशानी भी दूर हो जाए। कन्हैयालाल यादव का कहना है कि प्रशासन हम गरीबों की भी सुने। यदि हमें हटाना ही है तो कहीं आवास मुहैया करा दिया जाए। वहीं, आश्रयहीन मलिन बस्ती जनकल्याण समिति के गंगा सरन सोनी, उमेश कनौजिया, इसरार खान व अजय प्रकाश वाल्मीकि ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि सरकार गांवों से लेकर शहरों तक आश्रयहीन परिवारों को मकान दे रही है। ऐसे में यहां से हटाए जा रहे लोगों को भी योजना का लाभ दिया जाए।