इंदिरा नगर और गोमती नगर की करीब पांच लाख आबादी को अभी पांच दिन और पानी का संकट झेलना पड़ेगा। सिंचाई विभाग की ओर से अभी तक शारदा नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है।
इससे इंदिरानगर और गोमती नगर को की जाने वाली पेयजल आपूर्ति में कटौती को एक घंटे से बढ़ाकर करीब दो घंटे कर दिया गया है।
सिंचाई विभाग की ओर से छह जून की रात में पानी छोड़ने की बात कही जा रही है यह सही हुई तब भी कठौता झील में 10 तक पानी पहुंच पाएगा।
तीसरे जलकल की कठौता झील को पानी देने वाली शारदा सहायक नहर साल में दो बार मरम्मत को एक-एक महीने के लिए बंद की जाती है।
इसके बाद कठौता झील से 22 दिन तक ही पानी की आपूर्ति इंदिरा और गोमती नगर को की जा सकती है। यदि कटौती की जाए तो अधिकतम 25 दिन ही आपूर्ति झील से हो सकती है।
नहर 14 मई की रात बंद हुई थी ऐसे में 22 दिन हो गए हैं और सिंचाई विभाग ने अभी पानी नही छोड़ा है।
नहीं मिल रहा जरूरत भर पानी
इंदिरा नगर सेक्टर-16 निवासी निवासी मुकेश माथुर, जीतेश सिंह, पिकनिक स्पॉट रोड निवासी अवधेश यादव, शैलेश भट्ट, इंदिरा नगर डी ब्लाक निवासी पीएल शाह ने बताया कि दस दिनों से चली आ रही पानी की समस्या इधर और बढ़ गई है। कभी आधा घंटा तो कभी पौन घंटा पानी आ रहा है। इससे जरूतरत का पानी भी टंकी में नही भर पा रहा है। जलकल विभाग से मांग है कि समस्या जल्द दूर करे।
सिंचाई विभाग से लगातार बात की जा रही
कार्यवाहक महाप्रबंधक, जलकल विभाग, राम कैलाश ने बताया कि सिंचाई विभाग से लगातार बात की जा रही है। वहां से कहा जा रहा है कि छह जून की रात पानी छोड़ दिया जाएगा। पानी लखीमपुर से छोड़ा जाता है। झील तक पहुंचने में करीब तीन दिन लग जाते हैं। पानी की कमी को देखते हुए इंदिरा और गोमती नगर के ट्यूबवेल भी चलाए जा रहे हैं।
27 गांवों में होगा पाइप पेयजल योजना का काम
राजधानी के 27 गांवों में जल्द पाइप पेयजल योजना पहुंचेगी। इन गांवों का चयन शनिवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमर पाल सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में किया गया है। अधिशासी अभियंता व सदस्य सचिव जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन एस. रहमान ने बताया कि जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को पाइप पेयजल योजना से आच्छादित किया जाना है। इसी क्रम में पेयजल योजना के निर्माण के लिए अधिशासी निदेशक, राज्य पेयजल व स्वच्छता मिशन नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने मेसर्स एनसीसी लि. को कार्यदायी संस्था के रूप में जिले चयनित ग्राम पंचायतों के लिए योजना का डीपीआर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये थे। इसी के तहत कार्यदायी संस्था ने जिले में चयनित 468 ग्राम पंचायतों/672 राजस्व ग्राम के सापेक्ष 89 ग्राम पंचायतों में योजना के निर्माण के लिए डीपीआर प्रस्तुत किया। इस पर जल निगम की ओर से इंगित कमियों को दूर करके संशोधित डीपीआर प्रस्तुत हुआ। उसी के तहत 27 ग्राम/39 राजस्व ग्राम 77 मजरे पाइप पेयजल योजना से आच्छादित होंगे।