अपर मुख्य सचिव खेल और सचिव शहरी विकास दोनों के मामले में 23 मार्च को विहित प्राधिकारी विश्वभूषण मिश्र की कोर्ट में सुनवाई होगी। नोटिस में दोनों भवन स्वामियों से जवाब मांगा गया है कि क्यों न उनके भवनों को गिराने का आदेश कर दिया जाए।
एलडीए के अधिकारी ने बताया कि दोनों वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने उस समय आवासीय में कॉमर्शियल उपयोग किया है जब दोनों ही प्रदेश के अलग-अलग विकास प्राधिकरणों में वीसी के पद पर रह चुके हैं। ऐसे में इन्हें इसके लिए नियमों की जानकारी भी पूर्व से होनी चाहिए थी।