फाइल फोटो : सीएम योगी के साथ होमगार्ड डीजी
मई में इलाहाबाद में हुए होमगार्ड भर्ती घोटाले को लेकर डीजी होमगार्ड डॉ. सूर्य कुमार ने शासन के पत्र का जवाब नहीं दिया। इस पर शासन ने नाराजगी जताते हुए उन्हें दोबारा नोटिस भेजा है। बता दें कि डॉ. सूर्य कुमार इसी महीने रिटायर हो रहे हैं।
संयुक्त सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह ने डीजी होमगार्ड को सम्बोधित पत्र में कहा है कि इलाहाबाद में होमगार्ड स्वयं सेवकों की भर्ती के संबंध में शासन की ओर से भर्ती के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया था।
जांच में पता चला था कि 12 जनवरी 2016 के शासनादेश में कहा गया है कि चयन समिति में ऐसे जिला कमांडेंट व मंडलीय कमांडेंट को नहीं रखा जाएगा जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या अन्य कोई जांच चल रही हो।
ऐसे अधिकारियों के स्थान पर डीजी होमगार्ड को अन्य समकक्ष अधिकारी को नामित करने के लिए अधिकृत किया गया था। लेकिन भर्ती प्रक्रिया के दौरान प्रिय वृत्त को इलाहाबाद में चयन समिति का अध्यक्ष क्यों नामित कर दिया गया?
इसी तरह भर्ती प्रक्रिया पर अग्रिम आदेश तक रोक होने के बाद भी चयनित होमगार्ड्स को प्रशिक्षण दिलाने का आदेश दे दिया गया। इसका कोई औचित्य नहीं था।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि शासन के आदेशों के विरुद्ध होमगार्ड मुख्यालय के द्वारा कार्रवाई की गई। शासन ने 21 अगस्त को इस बाबत डॉ. सूर्य कुमार को तत्काल स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। मगर, उन्होंने अब तक शासन को कोई जवाब नहीं भेजा है।
बताते चलें कि डीजी होमगार्ड सूर्य कुमार ने सीएम योगी से बीजेपी के प्रचार प्रसार के लिए सरकारी पद की मांग की थी।