जांच टीम ने पाया कि सभी एमसीबी व स्विच चालू हालत में थे, जिस कारण शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना नहीं है। अहम बात यह है कि कमेटी ने 15 दिन में सौंपी जाने वाली जांच रिपोर्ट महज तीन दिन में तैयार करके शासन को भेजी है।
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कानपुर रोड स्थित लोकबंधु राज नारायण संयुक्त चिकित्सालय में सोमवार की रात दूसरे तल के फीमेल मेडिसिन वार्ड में आग लग गई थी। इससे काफी नुकसान हुआ। घटना की जांच के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। टीम को 15 दिनों में रिपोर्ट देनी थी। जांच टीम ने तीन दिन में ही जांच पूरी करके रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अफसरों का कहना है जांच रिपोर्ट में शॉर्ट सर्किट के प्रमाण नहीं मिले।
रिपोर्ट में इसका भी उल्लेख
- हॉस्पिटल परिसर के आइसोलेशन वार्ड में लगे एसी की इनडोर यूनिट अग्निकांड से गरम हो गई और दीवार के माध्यम से स्टोर में गुजर रहे कॉपर के पाइप भी क्षतिग्रस्त हो गए।
- आइसोलेशन वार्ड में लाइट और फैन सर्किट में यूपीएस से आपूर्ति चल रही थी। इसे जांच के समय बंद कराया गया।
- डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स में आइसोलेशन वार्ड के एसी की एमसीबी ऑफ मिला जो एसी टेक्नीशियन ने अग्निकांड के पूर्व ही बंद किया था।
- आइसोलेशन वार्ड के सामने वाले नर्सिंग स्टेशन के एसी का एमसीबी ऑन था। अन्य सभी लाइट, फैन सर्किट, जो स्टोर और आइसोलेशन वार्ड, नर्सिंग स्टेशन को नियंत्रित करते हैं, उसका एमसीबी बंद पाया गया। इससे स्पष्ट है कि स्टोर अथवा वार्ड में शॉर्ट सर्किट नहीं हुआ है।
टीम में ये अफसर थे शामिल
जांच टीम में विद्युत सुरक्षा के सहायक निदेशक सुनील कुमार, आनंद कुमार गुप्ता, आरएन यादव और मुलायम सिंह यादव, हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. संगीता गुप्ता, सीएमएस डॉ. राजीव दीक्षित, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी एवं चीफ फार्मासिस्ट डॉ. एपी सिंह शामिल थे।