अंग्रेजी उत्पादों के बहिष्कार से घबराए तत्कालीन चीफ कमिश्नर ऑफ अवध ने अपना दूत भेजकर मौलाना फिरंगी महली से मुलाकात की इच्छा जताई। मौलाना के खानदान से ताल्लुक रखने वाले अदनान अब्दुल वाली ने पुस्तक द खिलाफत मूवमेंट और द सप्रेटिज्म अमंग इंडियन मुस्लिम्स का हवाला देते हुए कहा कि मौलाना ने कमिश्नर से मिलने से इंकार कर दिया। कहा, बगैर मेरी मर्जी के कमिश्नर मेरे घर आया तो मैं अपने तबर से उसका सिर तोड़ दूंगा।
फिरंगी महल में ठहरे थे महात्मा गांधी
राजधानी के रिफाह-ए-आम क्लब मैदान में 15 अक्तूबर 1920 को जलसे में शामिल होने के लिए जब महात्मा गांधी लखनऊ आये तो वे मौलाना अब्दुल बारी फिरंगी महली से मिलने उनके आवास गए और वहां ठहरे। महात्मा गांधी ने जलसे में भाषण के दौरान इसका जिक्र भी किया।