फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चार महीने से नहीं मिला मानदेय, रसोइए आठ महीने से कर रहे इंतजार

Thu, 10 Feb 2022 12:22 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चार महीने से मानदेय नहीं मिला है। उधर, रसोइए भी आठ महीने से मानदेय का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चुनावी मौसम में सरकार चलाने वाली भाजपा समेत सभी राजनीतिक दल कर्मचारियों के हित में तमाम घोषणाएं कर रहे हैं, लेकिन बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के 3.50 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को पिछले चार महीने से और इतनी ही संख्या में काम करने वाले रसोइओं को 8 महीने से  मानदेय न मिलने के मुद्दे पर कोई नहीं बोल रहा है।

विज्ञापन


इन कार्यकर्ताओं के अक्तूबर के बाद से अब तक मानदेय नहीं मिला है। ऐसे में आंगनाबाड़ी कार्यकर्ताओं का छठ, नया साल मकर संक्रांति, वसंत पंचमी जैसे त्योहार बिना मानदेय के ही बीत गए। इस वजह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में सरकार के खिलाफ नाराजगी व्याप्त है।

बता दें कि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में तैनात करीब 3.50 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के अलावा करीब 4000 मुख्य सेविकाओं और 897 परियोजना अधिकारियों व 73 जिला कार्यक्रम अधिकारियों (डीपीओ) को भी अक्तूबर महीने से वेतन नहीं मिले हैं। शासन के अधिकारियों की इस लापरवाही के चलते विभाग के कर्मचारियों में हाहाकार मचा है।
विज्ञापन


इस संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संगठन ने शासन और सरकार के स्तर पर कई बार गुहार लगाया है, लेकिन न तो सरकार ने इनकी आवाज सुनी और न ही मंत्री ने। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में विभागीय मंत्री को मानदेय भुगतान के लिए फाइल करीब दो महीने पहले ही भेजी गई थी, लेकिन अब तक मानदेय देने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है।

आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष वीना गुप्ता का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य कर्मचारी कोविड ड्यूटी के अलावा चुनाव में भी काम कर रहे हैं, लेकिन उनको कई महीनों से मानदेय और वेतन नहीं दिया जा रहा है। इससे इन कर्मचारियों के समक्ष दूध, दवा, बच्चों की फीस और राशन आदि का संकट खड़ा हो गया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें