मौजूदा डीजीपी के कार्यकाल में कुछ घटनाओं के पुलिस की किरकिरी हुई। हाथरस में बलात्कार की शिकार युवती का आधी रात को अंत्येष्टि किए जाने के मामले में महकमे के वरिष्ठ अधिकारी सवालों के घेरे में आए। तो बिकरू कांड में लापरवाही की वजह से आधा दर्जन से अधिक पुलिस कर्मियों की जान चली गई। इसे लेकर पुलिस पर सवाल उठे। वहीं, रिश्वतखोरी के आरोप में पुलिस कप्तान मणिलाल पाटीदार को निलंबित करना पड़ा। फिलहाल वह फरार हैं।
कोरोना की पहली लहर ने बदली पुलिस की छवि
कोरोना की पहली लहर के दौरान पुलिस ने लोगों की मदद की। उनके कार्यों की सराहना हुई और छवि बदली। खुद डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों को राहत सामग्री बांटी। अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस और बड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की वजह से भी पुलिस की सराहना हुई।