शहर के ऑनलाइन मदर फीलिंग स्टेशनों पर आरसी और फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना अब सीएनजी नहीं भरी जाएगी।
शुक्रवार को इस नियम का सख्ती से पालन शुरू होने के बाद कई फीलिंग स्टेशनों पर वाहन चालकों और पंपकर्मियों के बीच नोकझोंक हुई।
कंपनी के एमडी एसपी शर्मा ने देर रात बताया कि कंपनी ने सिर्फ भारत सरकार से जुड़े पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑरगनाइजेशन नागपुर से जारी सुरक्षा मानकों को पंपों पर सख्ती से लागू कराने की कवायद शुरू की है।
सभी पंपों पर नोटिस भी चस्पा करा दिए गए थे। इसमें स्पष्ट था कि शुक्रवार से सीएनजी वाहन में तीन साल पुरानी किट लगी होने पर इसकी पंजीकृत केंद्र से जारी फिटनेस प्रमाणपत्र व आरसी देखने के बाद ही वाहन में सीएनजी भरी जाएगी।
दूसरी तरफ, वाहन चालकों का कहना था कि न तो ग्रीन गैस कंपनी और न ही पंप संचालकों ने इस बावत वाहन चालकों को पहले से कोई जानकारी दी थी।
अचानक दोपहर बाद पंप पर सीएनजी भरवाने पहुंचने पर गैस वितरण के नए मानक को थोंपना चालकों के साथ अन्याय और उत्पीड़न है।
मड़ियांव व ट्रांसपोर्ट नगर में बनेगा सर्टिफिकेट:
सीएनजी वाहनों में लगी तीन साल पुरानी गैस किट को जांच के बाद सुरक्षा मानक पूरे करने का फिटनेस प्रमाणपत्र शहर में दो एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है।
नागपुर स्थित विस्फोटक संस्थान ने इसके लिए शहर के मडियांव व ट्रांसपोर्ट नगर में दो अलग-अलग एजेंसियों को सीएनजी वाहनों में लगी सीएनटी किट का फिटनेस सर्टिफिकेट देने को अधिकृत किया है।