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यहां कांग्रेस को चुनौती देने वाला कोई नहीं

Mon, 21 Apr 2014 02:43 PM IST
आलोक दीक्षित/ अमर उजाला, लखनऊ
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चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी हार वहीं पूरे देश में काग्रेस की खराब हालत होने के बावजूद कोई ऐसा नहीं जो यहां कांग्रेस को चुनौती दे सके।
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राजधानी लखनऊ और उससे सटे जिले अमेठी और सुल्तानपुर आदि में जहां कई दिग्गजों के आमने-सामने होने से इन दिनों लोकसभा चुनाव काफी दिलचस्प बना हुआ है वहीं कांग्रेस के पुराने गढ़ रायबरेली में इस बार चुनाव काफी फीका नजर आ रहा है।

इसका प्रमुख कारण कांग्रेस अध्यक्ष व पार्टी प्रत्याशी सोनिया गांधी के सामने किसी दल के दिग्गज का न होना है। यही वजह है कि देश-दुनिया में जाने-पहचाने इस जिले का चुनाव पारा भी ठंडा पड़ा है।
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देश को कई प्रधानमंत्री देने वाले अवध के जिले लखनऊ और अमेठी समेत रायबरेली में चुनाव निकट हैं।

यहां कड़ा मुकाबला

लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के मुकाबले कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी, प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री अभिषेक मिश्र, बसपा के पूर्व मंत्री नकुल दुबे व फिल्म स्टार व आप प्रत्याशी जावेद जाफरी के मैदान में उतरने से चुनाव काफी दिलचस्प दिख रहा है।

देशभर में व्यस्तता के बावजूद राजनाथ सिंह अपना अधिकतम समय यहीं पर दे रहे हैं। यही हाल अमेठी का है।

वहां कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भाजपा प्रत्याशी व टीवी सीरियल की बहू स्मृति ईरानी, आप प्रत्याशी व चर्चित कवि कुमार विश्वास से कड़ी टक्कर मिल रही है।

यही कारण है कि सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा रायबरेली की चिंता छोड़ अमेठी में राहुल के प्रचार में सर्वाधिक फोकस कर रही हैं।

सपा ने नहीं उतारा उम्मीदवार

इसी तरह अवध के अन्य जिले सुल्तानपुर में भाजपा प्रत्याशी वरुण गांधी और गोंडा में कांग्रेस नेता बेनी प्रसाद वर्मा, धौरहरा में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद चुनावी मैदान में हैं।

वहीं फैजाबाद में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री जैसे राजनीतिक दिग्गज चुनाव वैतरणी पार करने के लिए कड़े मुकाबले में फंसे हैं।

यही नहीं श्रावस्ती, कैसरगंज और अंबेडकरनगर नगर समेत कई सीटों पर बाहुबलियों के उतरने के कारण चुनावी तस्वीर काफी रोचक दिख रही है। मगर रायबरेली में स्थिति इसके उलट दिख रही है।

यहां जीत की हैट्रिक लगा चुकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के मुकाबले में सपा ने जहां शिष्टाचार के नाते कोई प्रत्याशी नहीं उतारा वहीं देशभर में कांग्रेस का विरोध करने वाली भाजपा, बसपा और आम आदमी पार्टी भी सोनिया के सामने चुनाव मैदान में किसी दिग्गज को नहीं खड़ा कर पाईं।
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सोनिया को जीत का विश्वास

भाजपा ने रायबरेली से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अजय अग्रवाल और बसपा ने प्रवेश सिंह और आप ने अर्चना श्रीवास्तव को टिकट दिया है।

रायबरेली में चुनाव प्रचार 28 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। लेकिन ये गैर कांग्रेसी दल अभी तक अपनी पार्टी के किसी भी बड़े नेता को जिले में अब तक चुनाव प्रचार के लिए नहीं ला सके हैं। इनके चुनाव प्रचार के तरीके को देखते हुए सोनिया गांधी भी शायद अपनी जीत के लिए आश्वस्त दिख रही हैं।

वे दो अप्रैल को नामांकन के बाद बेटे राहुल के प्रचार के लिए 14 साल बाद अमेठी तो चलीं गईं लेकिन अभी तक अपने जिले में एक भी सभा नहीं कर सकी हैं।

संभवत: वे 26 अप्रैल को रायबरेली आएंगी लेकिन उनका यह कार्यक्रम तय नहीं है। इसी तरह राहुल भी 20 और प्रियंका 21 अप्रैल को जिले में प्रचार को आने वाली थीं लेकिन उनका दौरा टल गया।
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