लखनऊ निजी बस ऑपरेटर एसोसिएशन के महामंत्री मेजर एमए खान ने बताया कि चुनाव में निजी ऑपरेटरों की रूट, स्कूल व सिटी बसों का अधिग्रहण करने के लिए तीन-तीन तरफ से दबाव है। एक तो आरटीओ ने नोटिस जारी कर दिया। लोकल थाना की पुलिस एवं जिला प्रशासन अलग से लखनऊ में 23 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए 20 फरवरी को बसें अपने कब्जे ले लेगा।
उधर, आरटीओ के द्वारा शादी के लिए बस परमिट देना भी बंद कर दिया गया है। मेजर एसए खान ने बताया कि आरटीओ 20 फरवरी को बसों का अधिग्रहण करेगा और 23 फरवरी को छोड़ेगा। इस तरह बस चार दिन ड्यूटी करेगी, मगर 2000 रुपये प्रति दिन के हिसाब से तीन दिन का भाड़ा मिलेगा।
निजी बसों का भाड़ा
50 किमी -- 5000-6000 रुपये
100 किमी -- 16,000-17,000 रुपये
शादी बस परमिट पर नहीं पाबंदी
आरटीओ (प्रशासन) लखनऊ संभाग आरपी द्विवेदी का कहना है कि संभागीय परिवहन कार्यालय ने शादी के लिए बस परमिट देने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। निजी बस ऑपरेटरों का यह कहना गलत है। ऑपरेटर आवेदन करेंगे तो प्रशासन से अनुमति लेकर परमिट देने पर विचार किया जाएगा।