गुजरात के वित्तमंत्री नितिन भाई पटेल ने यहां कांग्रेस पर कई आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले देश को बांटा और फिर समाज को।
इस पार्टी ने आजादी के असली लड़ाकों को पीछे धकेल दिया। इन्हें न तो सम्मान दिया और न इनके योगदान की चर्चा की।
वल्लभ भाई पटेल हों, वीर सावरकर या डा. अंबेडकर किसी को भी सम्मान नहीं दिया। स्वतंत्रता संग्राम में इनके योगदान को महत्व भी नहीं दिया।
आजादी की पूरी लड़ाई को सिर्फ एक खानदान में समेटकर रख दिया। कहा कि गुजरात में सरदार पटेल की सबसे ऊंची लौह प्रतिमा बनाने का फैसला कांग्रेस के इन्हीं कामों का प्रतिकार है।
पटेल प्रतिमा निर्माण से चुनाव का कोई लेना-देना नहीं है। इसीलिए फैसला किया गया है कि इसके लिए होने कार्यक्रमों में भाजपा का झंडा व बैनर नहीं रहेगा।
देश की एकजुटता का संदेश देने के लिए नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश के किसानों से इस्तेमाल हो चुके लोहे के औजारों से इस प्रतिमा का निर्माण करने की घोषणा की है।
इसके लिए 15 दिसंबर को देश में 565 स्थानों पर देश की एकता के लिए दौड़ के साथ यह अभियान प्रारंभ हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश में 20 दिसंबर से लौह एकत्रीकरण का काम शुरू होगा। पटेल बुधवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वह प्रतिमा निर्माण के अभियान को परवान चढ़ाने उत्तर प्रदेश आए हैं।
विश्व में सबसे ऊंची प्रतिमा
नितिन ने बताया कि गुजरात में बनने वाली पटेल की प्रतिमा विश्व में सबसे ऊंची होगी। यह लगभग 182 मीटर ऊंची होगी।
इसे सरदार सरोवर बांध से 3.32 किमी. दूर साधु बेट (टापू) पर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 450 फुट की ऊंचाई पर एक दर्शक गैलरी का निर्माण किया जाएगा।
प्रतिमा तक जाने के लिए एक पुल भी बनेगा। प्रतिमा का निर्माण भूकंपरोधी तकनीक पर होगा ताकि बाढ़ और तेज हवा से कोई नुकसान न हो।
इस पर लगभग 2000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। टेंडर वाले दिन से तीन साल में प्रतिमा निर्माण का कार्य पूरा कराया जाएगा।
महात्मा गांधी का भी पूरा सम्मान
इस सवाल पर कि पटेल का गुणगान करने वाली मोदी सरकार ने महात्मा गांधी को सम्मान देने के बारे में क्यों नहीं सोचा। नितिन पटेल ने कहा, ऐसा वे कहते हैं जिन्हें पूरी जानकारी नहीं है।
गुजरात सरकार ने दस साल पहले महात्मा गांधी के नाम पर कई काम शुरू किए थे। कई योजनाएं राष्ट्रपिता के नाम पर चल रही हैं। गांधी जी की स्मृति में विशालकाय महात्मा मंदिर का निर्माण भी गुजरात में कराया गया है।
इस सवाल पर कि बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई हाशिम ने कांग्रेस पर मोदी के नाम का भय दिखाकर वोट हासिल करने की साजिश का आरोप लगाया है, पटेल ने कहा कि कांग्रेस का तो शुरू से यह आचरण रहा है।
ये निर्माण भी होंगे
प्रतिमा के पास ही एक बड़ा संग्रहालय बनेगा। जहां देश भर के गांवों से लाई गई मिट्टी रखी जाएगी। साथ ही सभी ग्राम प्रधानों व सरपंचों की तस्वीरें भी लगाई जाएंगी।
इसके अलावा वहां कृषि शोध केंद्र व कामधेनु विश्वविद्यालय का निर्माण भी प्रस्तावित है। पत्रकार वार्ता से पहले एक फिल्म भी दिखाई गई जो पटेल के योगदान का उल्लेख करती है और इस पूरी परियोजना पर प्रकाश डालती है।
नहीं पहुंचे ओमप्रकाश
मोदी के अभियान को परवान चढ़ाने को यहां हुई प्रेस कांफ्रेंस और उससे पहले कार्यकर्ताओं की बैठक में लौह संग्रह समिति के प्रदेश संयोजक ओमप्रकाश सिंह गैरहाजिर रहे।
सिंह ने बताया कि संवादहीनता के कारण ऐसा हुआ। उनके अनुसार, उन्हें दोपहर एक बजे से प्रेस कांफ्रेंस की सूचना दी गई थी। मैं रास्ते में था तो सूचना मिली कि प्रेस कांफ्रेंस खत्म हो गई है। इसलिए मैं लौट आया।