भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार दोपहर अपनी नई टीम का एलान कर दिया।
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शाह की टीम में उत्तर प्रदेश को खासी तवज्जो भी दी गई है। इसमें यूपी से 10 नेताओं को अहम जिम्मेदारी सौंप शाह ने मिशन यूपी की सेना खड़ी कर दी है।
शाह ने इस टीम में कास्ट फैक्टर का खासा ध्यान रखा और जमीनी पकड़ रखने वाले नेताओं को ही जगह दी है। यूपी से आने वाले राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी और सत्यपाल मलिक को छोड़ लगभग सभी नए चेहरे हैं।
दिनेश शर्मा भी बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
शाह ने 12 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किए हैं, जिनमें यूपी से मुख्तार अब्बास नकवी, सत्यपाल मलिक और लखनऊ के मौजूदा मेयर दिनेश शर्मा को जगह दी है।
इसके अलावा, यूपी से प्रो. राम शंकर कठेरिया को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि शाह ने आठ राष्ट्रीय महासचिव बनाए हैं।
अमित शाह ने चार ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी में भी एक सीट यूपी को दी है। हालांकि, यह सीट संघ के खाते में गई है।
पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक शिव प्रकाश को शाह ने ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया है। शिव प्रकाश के अलावा, वी सतीश, सौदान सिंह और बीएल संतोष को ये जिम्मेदारी दी गई है।
14 में तीन सचिव यूपी के
अमित शाह की टीम देखकर साफ जाहिर है कि उन्होंने हर टीम और श्रेणी में यूपी को बराबर हिस्सेदारी देने की कोशिश की है।
14 नए राष्ट्रीय सचिव में भी यूपी के तीन नेताओं को जगह दी गई है। हालांकि, इसमें कुछ दिग्गज नेताओं को अपने नाम की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें किनारे कर दिया गया है।
अरुण सिंह, सिद्धार्थ नाथ सिंह और श्रीकांत शर्मा को यूपी से राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। यूपी के बाद सबसे ज्यादा दो नेता दिल्ली से इस टीम में लिए गए हैं।
दो प्रवक्ता भी होंगे उत्तर प्रदेश के
राजनाथ सिंह भले ही मोदी-शाह की जोड़ी में कहीं पिछड़ से गए हों, लेकिन उनके काफी करीबी माने जाने वाले सुधांशु त्रिवेदी को प्रवक्ता पद पर बरकरार रखा गया है।
हालांकि, त्रिवेदी के समर्थकों को उम्मीद थी कि उन्हें कोई अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा, कास्ट कार्ड खेलते हुए शाह ने विजय सोनकर शास्त्री को भी प्रवक्ता बनाया है।
बता दें कि शाह ने 10 प्रवक्ताओं की भारी भरकम टीम बनाई है। हालांकि, भाजपा के तमाम मोर्चों में यूपी को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है।
महिला, युवा, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक जैसे पांचों मोर्चों की कमान अन्य राज्यों को गई है।
यूपी के अकेले युवा फायरब्रांड नेता के तौर पर मशहूर सुल्तानपुर से भाजपा सांसद वरुण गांधी को अमित शाह ने अपनी टीम में जगह नहीं दी है। राजनाथ की टीम में महसचिव रहे वरुण के लिए ये बड़ा झटका माना जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों वरुण गांधी को यूपी के अगले मुख्यमंत्री के रूप में प्रचारित किया जा रहा था। कई युवा संगठन वरुण गांधी के लिए सूबे में सर्वे भी करा रहे थे।
अमित शाह के इस कदम को वरुण गांधी के भविष्य के लिए बुरा संकेत माना जा रहा है।