उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि ग्रामीणों को घर के आसपास ही रोजगार देने के लिए प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मजबूत किया जाएगा। इस सेक्टर को सशक्त और रोजगारपरक बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज के अंतर्गत करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके तहत ही प्रदेश में ‘स्कीम फॉर फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज’ की शुरुआत की जाएगी। इसके माध्यम से असंगठित क्षेत्रों की सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का उच्चीकरण, ब्रांडिंग एवं प्रतिस्पर्धात्मक रूप से सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत 8 लाख सूक्ष्म फूड प्रोसेसिंग इंटर प्राइजेज लाभान्वित होंगी और करीब 9 लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 3.50 लाख सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
‘उप्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2017’ के अंतर्गत अब तक 457 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें 2528.50 करोड़ रुपये के निवेश से 38636 रोजगार के अवसर उपलब्ध होने की संभावना है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के अंतर्गत महात्मा गांधी खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के जरिए किसानाें और युवकों को उद्यमी बनाकर उनकी आय में वृद्धि करना है।