केजीएमयू अधिकारियों का कहना है कि दोनों को वायरस कहां से मिला, पड़ताल की जा रही है। क्वीनमेरी के स्टाफ पर खतरा बरकरार है क्योंकि यह नर्स डॉक्टर व अन्य नर्सिंग स्टाफ सहित विभिन्न कर्मचारियों के लगातार संपर्क में रही।
मरीजों का इलाज भी कर रही थी। एसीएमओ डॉ. केपी त्रिपाठी ने बताया कि नर्स के पड़ोस में रहने वाले परिवार का भी सैंपल लिया जाएगा। नर्स का किन लोगों के संपर्क में रही पता किया जा रहा है।
क्वीनमेरी की नर्स और उसकी भतीजी निशातगंज में रहते हैं। यहां दो मरीज होने से इस इलाके को संवेदनशील माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी जिला प्रशासन को दी है। नर्स का परिवार मूल रूप से गोंडा का निवासी है। लॉकडाउन से पहले ही परिवार के लोग गांव चले गए हैं। ऐसी स्थिति में नर्स और उसकी भतीजी ही घर में रह रहे थे।
वहीं स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही के चलते मोहनलालगंज इलाके में हड़कंप मच गया। महाराष्ट्र से आए तीन लोगों को मोहनलालगंज के राधास्वामी सत्संग व्यास में रखा गया था जिनकी मंगलवार को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।
आनन-फानन तीनों संक्रमितों को लोकबंधु हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, वहीं संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की तलाश की जा रही है। रविवार को महाराष्ट्र के मुंबई से उतरावा, कनकहा व बंथरा के तीन लोग लखनऊ आए थे, लखनऊ में संदिग्ध लक्षणों के बाद तीनों के आलमबाग बस स्टेशन पर सैंपल लिए गए थे।
तीनों को मोहनलालगंज स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास में बने को क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। मंगलवार को तीनों लोगों की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद तुरंत लोकबंधु हॉस्पिटल भेजकर एडमिट कराया गया। वहां जाने वाले लोगों व वहां के कर्मचारियों में अब दहशत है।