जिस नवजात की मौत की वजह पोलियो वैक्सीनेशन बताया जा रहा था, उसकी मौत बोतल से गलत तरीके से दूध पिलाने से हुई थी। यह बात केजीएमयू के फॉरेंसिक मेडिसिन और एनाटमी विभाग के डॉक्टरों की रिपोर्ट से साबित हुई।
रिपोर्ट में इस तरह की घटनाओं और आरोपों से वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। फॉरेंसिक मेडिसिन के डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि बीते मार्च में नवजात के जन्म के बाद उसे वैक्सीन दी गई थी, और उसके करीब एक घंटे बाद उसकी मौत की बात बताई गई।
केजीएमयू में जांच के दौरान पाया गया कि बच्चे का वजन 1.8 किलो था। वह सामान्य प्रसव से जन्मा था और घर ले जाया जा चुका था। डॉक्टरों ने जांच के दौरान बच्चे की सांस की नली में चार से पांच एमएल दूध पाया।