परिवहन विभाग प्रदेश वासियों को नये साल में घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) का फॉर्म भरने और उसकी फीस जमा करने की नई सुविधा मुहैया कराने जा रहा है।
नये साल में आवेदक को डीएल बनवाने के लिये संभागीय परिवहन दफ्तर (आरटीओ) में सिर्फ बायोमेट्रिक टेस्ट (वेब कैमरे से फोटो खिंचवाने और फिंगर प्रिंट) देने जाना पड़ेगा।
आवेदक को आरटीओ में इस टेस्ट के लिए कतार में भी खड़ा होना नहीं होगा। यानी चंद वक्त में टेस्ट की औपचारिकता पूरी करके आवेदक वापस लौट जाएंगे।
यह सुविधा मुहैया कराने के लिये विभाग ने साफ्टवेयर तैयार किया। विभाग की एक समिति इस साफ्टवेयर के ट्रायल की निगरानी कर रही है।
ट्रायल सफल होते ही ऑनलाइन टैक्स की तर्ज पर डीएल फीस जमा होने लगेगी। उम्मीद है कि यह सुविधा जनवरी में शुरू हो जाएगी।
डीएल की ऑनलाइन फीस जमा होते ही आवेदक को आरटीओ में बायोमेट्रिक टेस्ट देने का टाइम स्लॉट आवंटित होगा। आवेदक को इस वक्त पर पहुंचकर टेस्ट की औपचारिकता पूरी करनी पड़ेगी।
किस डीएल का कौन फॉर्म
लर्निंग डीएल बनवाने के लिए वेबसाइट www.transport.org से फॉर्म -2 और परमानेंट डीएल के लिए फॉर्म-4 डाउनलोड करके उसको भरना होगा।
आवेदक को फॉर्म में उसी नाम एवं पते का उल्लेख करना पड़ेगा, जिसका पहचान पत्र, उम्र एवं पते के प्रमाण पत्र पर उल्लेख हो। सरकारी कर्मियों के लिये पहचान एवं पते के रूप में विभागीय परिचय पत्र और वेतन स्लिप मान्य होगी।
जबकि अन्य के लिये मतदाता पहचान पत्र मान्य होगा। फॉर्म को भरने के बाद अपलोड करने पर डीएल फीस जमा करने का विकल्प सामने आएगा। आवेदक को नेट बैंकिंग, क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड से फीस का भुगतान करने की सुविधा होगी।
यह होगी डीएल की फीस
दोपहिया या कार का लर्निंग डीएल बनवाने के लिए फीस के रूप में 30-30 रुपये चुकाने होंगे। एक ही लर्निंग डीएल में दोपहिया एवं मोटर कार का डीएल बनवाएंगे तो 60 रुपये फीस के रूप जमा करने होंगे।
दोपहिया वाहन के परमानेंट डीएल (स्मार्ट कार्ड) की फीस 250 रुपये है, जिसमें 50 रुपये टेस्ट फीस है। दोपहिया एवं मोटर कार का परमानेंट डीएल बनवाने पर 300 रुपये फीस भरनी पड़ेगी, जिसमें टेस्ट फीस 100 रुपये शामिल है।