अनस सिद्दीकी व तन्वी सेठ के मामले को लेकर हुआ था हंगामा।
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आरपीओ पीयूष वर्मा ने बताया कि लखनऊ परिक्षेत्र में जिन आवेदकों के पासपोर्ट पुलिस रिपोर्ट में पते का सत्यापन न होने से लंबित हैं, उनके पासपोर्ट भी बनाए जाएंगे। हालांकि ऐसे आवेदकों को खुद के विवरण का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के लिए दोबारा आवेदन करना होगा। इसके लिए उन्हें जांच फीस भी चुकानी पड़ेगी।
तन्वी प्रकरण से चर्चा में आया नियम
पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन की नई व्यवस्था यूं तो एक जून से लागू हुई है, लेकिन नई प्रणाली तन्वी-अनस प्रकरण के सामने आने के बाद चर्चा में आया। नई व्यवस्था में पुलिस को सिर्फ पासपोर्ट आवेदकों की नागरिकता और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी देनी है। इससे पूरी प्रक्रिया में जहां कम समय लगेगा, वहीं अब आवेदकों को सत्यापन के लिए ज्यादा परेशान भी नहीं होना पड़ेगा।
आवेदक भारत का निवासी है या नहीं
आवेदक पर आपराधिक केस दर्ज है या नहीं
आवेदक के खिलाफ कोर्ट में वाद दर्ज तो नहीं
कोर्ट ने विदेश जाने पर रोक तो नहीं लगाई
आवेदक की देश विरोधी गतिविधियों की संलिप्तता