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पासपोर्ट बनवाने के लिए अब सिर्फ दो ही बातें अहम, 1 जून से लागू हो चुकी है नई व्यवस्था

Thu, 05 Jul 2018 01:15 AM IST
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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देश में पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन की नई व्यवस्था एक जून से लागू हो चुकी है। इसी व्यवस्था का लाभ तन्वी सेठ व उसके पति अनस सिद्दीकी को मिला, जिससे दोनों के पासपोर्ट नहीं रद्द किए जा सके।

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लखनऊ के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) पीयूष वर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था लागू करने के लिए विदेश मंत्रालय ने 21 मई को ही देश भर के सभी डीजीपी को आदेश के साथ जांच का नया प्रोफॉर्मा भेज दिया था। इसमें पुलिस को पासपोर्ट आवेदकों की दो बिंदुओं पर जांच करके रिपोर्ट भेजनी होगी।

पहला आवेदक की नागरिकता और दूसरा उसका आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं। यानी पुलिस अब आवेदक को थाने बुलाकर हस्ताक्षर व फोटो सत्यापित नहीं कराएगी। इस तरह आवेदक को भारत का नागरिक होने और आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने पर पासपोर्ट जारी कर दिया जाएगा।
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पासपोर्ट के लिए अब कहीं से भी कर सकेंगे आवेदन
आरपीओ ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 26 मई को पासपोर्ट बनाने की नई व्यवस्था की घोषणा की थी। इसके तहत आवेदक कहीं से भी पासपोर्ट बनवाने के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए जल्द ही मोबाइल एप भी लॉन्च होने वाला है। आवेदन करते वक्त भारत की नागरिकता समेत अन्य विवरण संबंधी दस्तावेज संलग्न करना होगा।

पता सत्यापन न होने से लंबित पासपोर्ट भी बनेंगे

अनस सिद्दीकी व तन्वी सेठ के मामले को लेकर हुआ था हंगामा। - फोटो : amar ujala
आरपीओ पीयूष वर्मा ने बताया कि लखनऊ परिक्षेत्र में जिन आवेदकों के पासपोर्ट पुलिस रिपोर्ट में पते का सत्यापन न होने से लंबित हैं, उनके पासपोर्ट भी बनाए जाएंगे। हालांकि ऐसे आवेदकों को खुद के विवरण का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के लिए दोबारा आवेदन करना होगा। इसके लिए उन्हें जांच फीस भी चुकानी पड़ेगी।

तन्वी प्रकरण से चर्चा में आया नियम
पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन की नई व्यवस्था यूं तो एक जून से लागू हुई है, लेकिन नई प्रणाली तन्वी-अनस प्रकरण के सामने आने के बाद चर्चा में आया। नई व्यवस्था में पुलिस को सिर्फ पासपोर्ट आवेदकों की नागरिकता और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी देनी है। इससे पूरी प्रक्रिया में जहां कम समय लगेगा, वहीं अब आवेदकों को सत्यापन के लिए ज्यादा परेशान भी नहीं होना पड़ेगा।
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पुलिस इन बिंदुओं पर करेगी जांच

प्रतीकात्मक तस्वीर
आवेदक भारत का निवासी है या नहीं
आवेदक पर आपराधिक केस दर्ज है या नहीं
आवेदक के खिलाफ कोर्ट में वाद दर्ज तो नहीं
कोर्ट ने विदेश जाने पर रोक तो नहीं लगाई
आवेदक की देश विरोधी गतिविधियों की संलिप्तता
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