जिस कैंपस की परमिशन दी गई है, वहां निकासी गेट पर और गोदाम के अंदर सीसीटीवी कैमरा लगाना जरूरी होगा। कैमरे ऐसे होने चाहिए जिसे आईपी एड्रेस के माध्यम से मुख्यालय से देखा जा सके। साथ ही शराब की दुकान पर कंप्यूटर और इंटरनेट भी जरूरी होगा।
आबकारी आयुक्त का कोटा घटा
नई नीति में 2018-19 में शराब की व्यवस्थापित कुल दुकानों की संख्या का 10 प्रतिशत दुकानों का सृजन आबकारी आयुक्त कर सकेंगे। पहले उनका कोटा 15 प्रतिशत का था। इसी तरह विदेशी शराब की दुकानों में भी कमिश्नर 10 प्रतिशत ही दुकानों का सृजन करा सकेंगे। वाइन की फुटकर दुकानों के लिए यह कोटा 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। निर्धारित कोटे से 6 प्रतिशत या उससे अधिक शराब बेचने पर अगले साल का नवीनीकरण आसानी से हो जाएगा।
दुकानदार ही नहीं, उसके परिवार का भी देखा जाएगा कैरेक्टर
शराब की दुकान का लाइसेंस लेने वाले के चरित्र प्रमाण के साथ ही परिवार के लोगों का भी चरित्र देखा जाएगा। परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए। दुकानदार आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े और संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्ति को नौकरी भी नहीं दे सकेगा।
देसी शराब की थोक आपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस देनी होगी। इस पर जीएसटी अलग से चार्ज होगा। वहीं बीयर, वाइन और विदेशी शराब की फुटकर दुकानों के लाइसेंस के लिए 15 प्रतिशत अधिक देना होगा। मॉडल शॉप के लिए भी लाइसेंस फीस में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। मॉडल शॉप के लिए प्रोसेसिंग फीस 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है।
ब्रांड के रजिस्ट्रेशन की फीस 10 हजार बढ़ी
सरकार ने देसी शराब के ब्रांड की रजिस्ट्रेशन फीस 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दी है। साथ ही लेबुल के अनुमोदन की फीस भी 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दी गई है। विदेशी शराब के लेबुल के अनुमोदन की फीस 50 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है।
विदेशी शराब के लिए तीन सेक्टर में बांटे गए जिले
फॉरेन लिकर (एफएल 2) के लाइसेंस की प्रोसेसिंग फीस के लिए जिलों को उनकी बिक्री के हिसाब से तीन भागों में बांट कर फीस तय की गई है। वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़ और मथुरा में लाइसेंस की फीस 25 लाख रुपये और जमानत राशि ढाई लाख रुपये होगी। गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, हाथरस और फिरोजाबाद में लाइसेंस की फीस 20 लाख रुपये और जमानत राशि 2 लाख रुपये होगी। बाकी जिलों में 15 लाख रुपये लाइसेंस फीस और डेढ़ लाख रुपये जमानत केलिए जमा करने होंगे।
बार लाइसेंस के लिए भी 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसके लिए तीन लाख 25 हजार से लेकर 19 लाख 30 हजार रुपये तक की फीस तय की गई है। इसमें होटल, रेस्टोरेंट बार, क्लब परमिट शामिल है। इसी तरह ओकेजनल बार लाइसेंस की फीस नॉन कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए 4 हजार रुपये प्रतिदिन और कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए 10 हजार रुपये प्रतिदिन तय की गई है।
नई नीति में यह भी खास
- देसी शराब अब सिर्फ एक ही पैक (200 एमएल) में मिलेगी
- विदेशी शराब के लाइसेंस की आवेदन फीस 11 हजार से बढ़ाकर 15 हजार
- आयातित शराब की परमिट फीस में 50 रुपये की बढ़ोतरी
- भारत निर्मित वाइन पर प्रतिफल फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं
- अन्य देशों से आयातित वाइन पर प्रति ब्रांड रजिस्ट्रेशन की फीस 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये।