लखनऊ में स्वाइन फ्लू से एक और मौत हो गई। सीएमओ जीएस बाजपेई ने शनिवार को बताया कि पीड़िता 16 अगस्त से केजीएमयू में भर्ती थी। इलाज के दौरान आराम नहीं मिलता देख परिवारीजन उसे चरक अस्पताल लेकर जाने लगे, जबकि डॉक्टर डिस्चार्ज नहीं कर रहे थे। रास्ते में ले जाते हुए पीड़िता ने दम तोड़ दिया। राजधानी में अब मौतों का आंकड़ा जहां दस हो गया, वहीं संक्रमित लोगों की संख्या 783 हो गई है।
सीएमओ ने बताया कि शनिवार को जिन मरीजों की पुष्टि हुई है, उनमें से कृष्णानगर निवासी महिला मरीज को अवध अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शारदानगर निवासी एक मरीज ओपी चौधरी अस्पताल में भर्ती है। रायबरेली रोड निवासी मरीज का इलाज सरदार पटेल अस्पताल में चल रहा है। एक मरीज केजीएमयू के आईसीयू में भर्ती है, जबकि अन्य सभी मरीजों का इलाज घर पर ही चल रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीज और परिवारीजनों को टैमी फ्लू की दवा वितरित कर दी है।
248 मरीजों का घर पर चल रहा इलाज
सीएमओ ने शनिवार को बताया कि 19 अगस्त तक 783 मरीजों में एन1एच1 की पुष्टि हुई है। इनमें से 489 स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं और 248 मरीजों का घर पर इलाज चल रहा है। इसके अलावा 38 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया गया है। आठ मरीजों की सूचना पूरी नहीं है। सीएमओ ने बताया कि एक अगस्त से लेकर अब तक तीन साल से 18 वर्ष तक के 262 बच्चों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
25 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम
सीएमओ ने बताया कि शनिवार को 25 विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां पर स्वाइन फ्लू से बचाव की जानकारी दी गई। यह जागरूकता अभियान सभी स्कूलों में बारी-बारी से चलाया जाएगा।
रहें सतर्क, लक्षण पहचानें और कराएं इलाज
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने स्वाइन फ्लू के तीन स्तरों पर विभिन्न लक्षणों सहित बचाव और इलाज के तरीके बताए। अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि बुखार, जाड़ा, खांसी, बलगम, गले की खरास, आंखों में पानी आना, शरीर दर्द, सांस लेने में तकलीफ, सरदर्द, वजन कम होना, छींकना, नाक बहना, चक्कर आना, भूख कम लगना और अत्यधिक थकान लग रही है तो यह स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं। इससे सजग होने की जरूरत है। उन्होंने ए, बी1, बी2 और सी चार श्रेणियों में लक्षण और इलाज के तरीकों की जानकारी दी। इस दौरान डॉ. प्रांजल अग्रवाल क्लीनिक संयोजक और सचिव जेडी रावत सहित कई लोग उपस्थित रहे।
पहचानें लक्षण
श्रेणी ए : हल्का बुखार, खांसी, गले में खरास, दर्द, दस्त
क्या करें : कोई दवा न लें, सिर्फ आराम करें
श्रेणी बी 1 : श्रेणी ए के लक्षणों के अलावा तेज बुखार, गले में खरास
क्या करें : टैमी फ्लू लें। आराम करें। घर से बिल्कुल ना निकलें
श्रेणी बी2 : श्रेणी ए के अलावा हाई रिस्क महिलाएं, बुजुर्ग, फेफडे़, हार्ट, गुर्दा, एचआईवी आदि की समस्या।
क्या करें : आराम करें। टैमी फ्लू लें। जांच की आवश्यकता नहीं।
श्रेणी सी : श्रेणी ए और बी के अलावा सांस में तकलीफ, छाती में दर्द, सुस्ती, ब्लड प्रेशर कम, बलगम में खून, नाखूनों का नीला पड़ना, चिड़चिड़ापन
क्या करें : तुरंत जांच कराएं। अस्पताल में भर्ती करके इलाज करवाएं।
जानिए, क्या है टैमी फ्लू
डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि यह फ्लू से पीड़ित मरीजों के लिए टैबलेट है। इसे एक साल से ऊपर के व्यक्तियों के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित माना गया है। साधारण फ्लू के लक्षण होने पर 48 घंटों के भीतर इसका सेवन कर लेना चाहिए। भोजन के साथ टैमी फ्लू का असर सबसे ज्यादा होता है।
काढ़ा वितरण कल से
स्वाइन फ्लू, डेंगू, चिकनगुनिया जैसे बारिश में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए राजकीय आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में आम जनता के लिए सोमवार से काढ़ा वितरण किया जाएगा।
प्रधानाचार्य प्रो. आरआर चौधरी ने बताया कि काढ़ा वितरण सोमवार से शनिवार तक सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक मेडिकल कॉलेज टूड़ियागंज में बंटेगा। आहार-विहार की जानकारी संबंधी साहित्य व काढ़ा बांटा जाएगा। इसमें गुडची और तुलसी भी डाली गई है।