1. जिन 14 सवालों पर आपत्ति थी उन्हें डिलीट किया जाए।
2. फाइनल करार दी गई उत्तर-कुंजी खारिज मानी जाएगी।
3. नई मैरिट बनाई जाए।
4. यह सभी प्रक्रिया एक माह में पूरी करें।
5. 2018 के लिए होने जा ही प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा (68,500 भर्तियां) 12 मार्च को प्रस्तावित हैं, इसे टीईटी की प्रक्रिया पूरी होने तक टाला जाए।
अभ्यर्थियों की आपत्तियां जांच विषय विशेषज्ञ समिति से करवाने के बजाए पहले स्टेज पर ही खारिज कर दी गईं। वहीं, 6 नवंबर को नई संशोधित उत्तर-कुंजी जारी की गई। इसे फाइनल बताया गया।
याचिकाकर्ताओं का दावा था कि उनकी आपत्तियों पर विचार नहीं करने से वे टीईटी पास सर्टिफिकेट पाने से कुछ अंकों की वजह से महरूम रह गए। उनके जवाब सही थे, लेकिन गलत मानते हुए ऐसा किया गया।
उन्होंने हाईकोर्ट से ग्रेस अंक दिलाने की मांग करते हुए विवादित सवालों को प्रश्नपत्र से हटाने की अपील की। फाइनल उत्तर-कुंजी को खारिज करने और हाई लेवल एक्सपर्ट कमेटी से आपत्तियों की जांच करवाने की भी अपील की गई।