अब तक की व्यवस्था में यह शर्त सिर्फ उन एमबीबीएस डिग्रीधारी डॉक्टरों के लिए थी जो सरकारी सेवा में चयन होने केबाद एमडी या एमएस करना चाहते थे। दरअसल, इन डॉक्टरों को सरकारी खर्च पर स्नातकोत्तर कोर्स कराया जाता है। इसलिए सरकार उनसे एक साल का बांड भरवाती थी। इसमें शर्त थी कि वे एमडी या एमएस करने के बाद एक साल तक ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में अनिवार्य रूप से अपनी सेवाएं देंगे। सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है।