सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) ने समुद्र तट पर पाई जाने वाली वनस्पति से ऐसा हर्बल कंपाउंड तैयार किया है जिससे डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। लैब में हुई टेस्टिंग में इस कंपाउंड की 250 मिग्रा डोज तीन सप्ताह तक लिए जाने के बाद डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद मिली।
सीडीआरआई ने दवा को विकसित करने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं के शोध करने वाली काउंसिल से इजाजत मांगी है।
सीडीआरआई के निदेशक डॉ. राम विश्वकर्मा ने बताया कि डायबिटीज से निबटने के लिए हमने जाइलोकार्पस ग्रांटम यानी समुद्रफल से एक नया कंपाउंड तैयार किया है।
इसे सीडीआर134डी123 नाम दिया गया है। सीडीआरआई और देश की दूसरी संस्थाओं की मदद से तैयार यह कंपाउंड पूरी तरह प्राकृतिक है। इसको सीडीआरआई विकसित कर रहा है। हमने सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज से संपर्क किया है। हमने उनसे मांग की है कि सीडीआरआई को आयुर्वेद दवा की मार्केटिंग के अधिकार दिए जाएं।