फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव को लेकर 'नया विवाद'

Mon, 04 Aug 2014 08:27 AM IST
सैफ हैदर नकवी/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चुनाव को लेकर लगातार विवाद खड़े हो रहे हैं। अब नया पेंच यह है कि वोटर लिस्ट में शामिल मुतवल्ली को लेकर मौलाना कल्बे जव्वाद नाराज हैं।
विज्ञापन


वे इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं। बसपा सरकार के समय भंग हुए शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड का चुनाव अब तक अधर में है।

सपा सरकार नवंबर 2013 में इसके चुनाव करा रही थी लेकिन धार्मिक आयोजनों और मौलाना जव्वाद की आपत्ति के चलते चुनाव नहीं हुआ।

इसलिए टल गए चुनाव

इसके बाद जुलाई 2014 में नोटिफिकेशन जारी हुआ, लेकिन इस दौरान रमजान आ जाने के कारण चुनाव नहीं हुआ। अब इस महीने चुनाव कार्यक्रम तय किया गया है तो बोर्ड की वोटर लिस्ट को लेकर विवाद शुरू हो गया है।

मौलाना कल्बे जव्वाद का आरोप है कि वोटर लिस्ट में वक्फ संपत्तियों के सौदागरों को शामिल कर लिया गया है।

न्यायालय में जिन पर वक्फ के मामले चल रहे हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएं। जव्वाद को मुख्य रूप से पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी का नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने पर आपत्ति है।

अपने करीबियों को शामिल करने पर विवाद

उधर, पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी का कहना है कि उन पर अभी आरोप साबित नहीं हुआ है। वे यह भी कहते हैं कि मौलाना जव्वाद सरकार पर दबाव बनाकर वोटर लिस्ट में अपने करीबियों को शामिल करना चाहते हैं।

तालकटोरा कमेटी के फैजी को कमेटी के अध्यक्ष नवाब आगा की आपत्ति के बाद हटाया गया है। इस मुद्दे को लेकर भी मौलाना चुनाव टालना चाहते हैं।

वसीम रिजवी का कहना है कि मौलाना जव्वाद सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काकर खुद का फायदा चाहते हैं, ताकि उनके करीबी बोर्ड में शामिल हो जाएं।

वे यह भी कहते हैं कि सरकार को अगर शिया वक्फ बोर्ड को सुन्नी वक्फ बोर्ड में शामिल करना होता तो वह चुनाव को लेकर तीसरी बार नोटिफिकेशन जारी नहीं करती।
विज्ञापन

नॉमिनेशन आज, 12 को मतदान

शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव के लिए सोमवार को नॉमिनेशन होगा। अब तक जारी वोटर लिस्ट में 25 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जो 12 अगस्त को होने वाले मतदान में बतौर बोर्ड सदस्य दो विधायक, दो सांसद, दो वकील और दो मुतवल्लियों को चुनेंगे।

बाकी तीन सदस्यों, जिनमें से एक समाजसेवी, एक सरकारी अधिकारी व एक मौलाना को सरकार नामित करेगी। बाद में इन्हीं सदस्यों में से चेयरमैन का चुनाव किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें