लखनऊ। शहरों में भवन निर्माण के लिए लागू किया गया नया बिल्डिंग बायलॉज यूपी के आर्थिक विकास में बूस्टर डोज का काम करेगा। इससे रियल एस्टेट सेक्टर के साथ होटल, स्वास्थ्य, शिक्षा व औद्योगिक क्षेत्र में भी विकास होगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण व क्रेडाई के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार को विभूतिखंड स्थित होटल में न्यू बिल्डिंग बायलॉज एंड जोनिंग रेग्यूलेशन-2025 पर कार्यशाला में ये विचार सामने आए। डेलॉयट इंडिया की ओर से नए बायलॉज की मुख्य विशेषताओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसके बाद संशोधित उपनियमों पर खुले मंच से चर्चा हुई और प्रदेशभर से आए आर्किटेक्टों व विकासकर्ताओं से बायलॉज पर प्रतिक्रियाएं ली गईं।
प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग पी. गुरुप्रसाद ने कहा, नया बायलॉज प्रदेश के आर्थिक विकास की नई कहानी लिखेगा। इससे रियल एस्टेट सेक्टर समेत विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास होगा। इस दौरान आर्किटेक्टों की ओर से पूछे गए सवालों का पैनल ने तत्काल समाधान किया।
मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने कहाकि यह बदलाव आम आदमी की जरूरतों के लिहाज से बहुत जरूरी था। इससे तमाम तरह की जटिलताओं पर विराम लग गया है। मौके पर एबीएम की ओर से मानचित्र स्वीकृत कराने के संबंध में विकसित किए जा रहे फास्ट पास सिस्टम का प्रस्तुतिकरण किया गया।
इसमें नए उपनियमों के तहत मानचित्रों के अनुमोदन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की भूमिका उजागर की गई। आर्किटेक्टों ने कहा कि बायलॉज में किए संशोधन विकास को गति देंगे और इससे आम आदमी भी नियोजित विकास की ओर बढ़ेगा। सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग डॉ. बलकार सिंह, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक अनिल कुमार मिश्रा, आवास बंधु के निदेशक रवि जैन कार्यशाला में उपस्थित रहे।