यूपी में भले ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जादू न चल पा रहा हो, लेकिन नीदरलैंड के लोग उनसे जरूर प्रभावित हो गए हैं, इसका असर दिखने लगा है।
नीदरलैंड का पहला उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल दो दिनी यात्रा पर 15 सितंबर को राजधानी आएगा। यह दल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ मुलाकात में उद्यान, दुग्ध विकास, पर्यटन, कृषि, नगर विकास, सिंचाई व उद्योग के क्षेत्र में निवेश को लेकर चर्चा करेगा।
इसे मुख्यमंत्री की नीदरलैंड यात्रा की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 5 सितंबर को नीदरलैंड की पांच दिनी यात्रा से लौटे हैं।
वहां प्रदेश सरकार व नीदरलैंड के बीच विभिन्न क्षेत्रों में निवेश व साझेदारी को लेकर बातचीत हुई थी। मुख्यमंत्री ने नीदरलैंड्स एग्रो फूड एंड टेक्नालोजी सेंटर (एनएएफटीसी) के साथ एमओयू व नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर ऑफ कामर्स एंड ट्रेड के प्रतिनिधिमंडलों से वार्ता को काफी उपयोगी बताया था।
15 सितंबर को अखिलेश करेंगे बातचीत
मुख्य सचिव ने बताया था कि अक्तूबर और नवंबर के बीच नीदरलैंड के दो उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल प्रदेश की यात्रा पर आएंगे। पर, नीदरलैंड ने सीएम की यात्रा को बेहद महत्व देते हुए इससे पहले ही भारत में अपने राजदूत के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है।
बाकी दो प्रतिनिधिमंडल भी पूर्व निर्धारित यात्रा पर आएंगे। सूत्रों के अनुसार नीदरलैंड के प्रधानमंत्री की संभावित भारत यात्रा में यूपी को भी शामिल करने के संबंध में भी प्रतिनिधिमंडल से चर्चा हो सकती है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नीदरलैंड के भारत में राजदूत अल्फांसो स्टोलिगो 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ 15 सितंबर को राजधानी पहुंच रहे हैं। यह प्रदेश के लिए बेहद उत्साहवर्धक है। उनके साथ नीदरलैंड की नामी कंपनियों के प्रतिनिधि भी होंगे।
इसमें रायल हैस कांग, इकरोस इंडिया, फिलिप्स, एएलआर इंफ्रा, एम्सटर्डम इंफ्रा व काबा इंटरनेशनल के एमडी शामिल होंगे। यह प्रतिनिधिमंडल यहां 15 सितंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करेगा। इसके साथ ही मुख्य सचिव व करीब एक दर्जन विभागों के प्रमुख सचिवों के साथ दल की बैठक की योजना है।