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बजट 2014: जानिए, UP के हिस्से में क्या आया?

Fri, 11 Jul 2014 01:02 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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साल 2014-15 के लिए आए बजट में केंद्र ने उत्तर प्रदेश को कई तोहफे दिए। जिसमें उन पर भी ध्यान दिया गया जो खुद मोदी ने आमचुनाव में प्रचार के दौरान किए थे।
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सरकार ने गंगा की सफाई के लिए तो बजट आवंटन किया ही साथ ही इलाहाबाद-हल्दिया के बीच गंगा जल मार्ग के विकास की संभावनाओं को अनदेखा नहीं किया।

वहीं मोदी सरकार ने बरेली, लखनऊ में टैक्सटाइल मेगा कलस्टर के लिए भी बजट आवंटित किया।

इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सारनाथ-गया-वाराणसी बौद्ध सर्किट के निर्माण के लिए बजट आवंटित किया।

लखनऊ और अहमदाबाद मेट्रो का ऐलान

चुनाव में बीस लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए मेट्रो ट्रेन दौड़ाने के वादों पर आगे बढ़ते हुए मोदी सरकार ने सबसे पहले लखनऊ और अहमदाबाद मेट्रो परियोजना को गति देने का ऐलान किया है।

लखनऊ और अहमदाबाद में मेट्रो निर्माण की शुरुआती तैयारी के लिए मोदी सरकार ने अपनी हिस्सेदारी के रूप में 100 करोड़ देने का ऐलान किया है।

लखनऊ में मेट्रो निर्माण के लिए प्रदेश की सपा सरकार अपना दावा ठोक रही है। अब मोदी सरकार ने इस परियोजना में अपनी हिस्सेदारी शामिल करते हुए इक्विटी के तौर पर राशि आवंटित की है।

मिलेंगे 2420 करोड़ रुपये

सरकार के बजट दस्तावेज के मुताबिक लखनऊ और अहमदाबाद की मेट्रो रेल परियोजनाओं में कुल 2420 करोड़ रुपये की राशि इक्विटी के तौर पर देने की बात कही गई है।

आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर मोदी सरकार का ये कदम बड़ा चुनावी दांव माना जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने लखनऊ मेट्रो परियोजना में राशि निवेश करके इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है ताकि चुनाव से पहले सपा सरकार ये अकेले दावा न कर सके उसने अकेले मेट्रो निर्माण कर लोगों को फायदा पहुंचाया है।

लखनऊ को अहमियत मिलने की एक बड़ी वजह केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी हैं, जिनका यह संसदीय क्षेत्र है। तो अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह प्रदेश का महानगर।

गंगा तटों की सफाई के लिए 100 करोड़

सरकार ने कानपुर, इलाहाबाद और वाराणसी में गंगा तटों की सफाई के लिए 100 करोड़ रुपये आव‌ंटित किए हैं।

बताया जा रहा है कि गंगा के तटों की सफाई और विकास साबरमती नदी की तर्ज पर किया जाएगा।

इसके अलावा मोदी के चुनाव प्रचार के दौरान वाराणसी में बुनकरों के विकास के लिए किए गए वादे को पूरा करने के लिए भी 50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

पूर्वांचल में होगी एम्स की स्‍थापना

बजट में प्रदेश में स्वास्‍थ्य सुविधाओं के वि‌कास और बेहतरी के लिए पूर्वांचल में एम्स की स्‍थापना करने का प्रस्ताव रखा गया है।

कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश के लिए मोदी सरकार ने ढ़ांचागत विकास, रोजगार और स्वास्‍थ्य जैसे पहलुओं पर जोर दिया है।

वहीं बजट पर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 2014 का बजट महिलाओं, युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया।

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किस योजना के लिए कितना धन

2037 करोड़--समन्वित गंगा संरक्षण मिशन (नमामि गंगा) के लिए।
500 करोड़--पूर्वांचल समेत देश में 4 एम्स के लिए।
100 करोड़--कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद समेत देश के सात शहरों में नदियों के घाट के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए।

200 करोड़--बरेली और लखनऊ समेत देश के छह शहरों में टेक्सटाइल मेगा क्लस्टर केलिए।
50 करोड़--वाराणसी में मेगा क्लस्टर के साथ व्यापार सुविधाकरण केंद्र और शिल्प संग्रहालय के लिए।

500 करोड़--सारनाथ-वाराणसी-गया बौद्ध सर्किट समेत पांच पर्यटन केंद्र के विकास के लिए।
100 करोड़--लखनऊ मेट्रो के साथ अहमदाबाद के लिए।

4200 करोड़--इलाहाबाद से हल्दिया (प. बंगाल) तक जल परिहवन के लिए जल मार्ग विकास प्रोजेक्ट के लिए।
500 करोड़--पंडित मदन मोहन मालवीय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए।
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