मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य
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यूपी के मदरसों में दुआ के साथ अब राष्ट्रगान भी अनिवार्य कर दिया गया है। यूपी मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार एसएन पांडेय ने बृहस्पतिवार को सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसे नियमित रूप से लागू कराया जाए। कक्षाएं शुरू होने से पहले शिक्षक व विद्यार्थी दुआओं के साथ अनिवार्य रूप से समवेत स्वर में राष्ट्रगान भी गाएंगे।
24 मार्च को उप्र मदरसा शिक्षा परिषद की बैठक में मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया था। तीस मार्च से 11 मई तक मदरसों में अवकाश था। 12 मई यानी बृहस्पतिवार से ही से यह आदेश लागू कर दिया गया है।
रजिस्ट्रार द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मान्यता प्राप्त, अनुदानित, गैर अनुदानित यानी सभी मदरसों में सत्र शुरू हो रहा है। सभी में अनिवार्य रूप से राष्ट्रगान का गायन होगा। गौरतलब है कि यूपी में 16513 मदरसे हैं।
पहले भी राष्ट्रगान गाते आए हैं, अभी भी गाएंगे
राष्ट्रगान गाने को अनिवार्य किए जाने पर उलमा का कहना है कि मदरसे बडे़ हो या छोटे सभी में राष्ट्रगान होता आया हैं और होता रहेगा। गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस या अन्य कार्यक्रम होते हैं तो उनमें राष्ट्रगान गाया जाता है। इसमें हैरत वाली कोई बात नहीं है। मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि 26 जनवरी और 15 अगस्त के मौके पर मदरसों में तिरंगा फहराया जाता है और राष्ट्रगान गाया जाता है। अब सरकार की तरफ से मदरसों में राष्ट्रगान को अनिवार्य करने का आदेश आया है तो इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं है।
जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा का कहना है कि मदरसा बोर्ड के लिए सरकार की तरफ से जो आदेश आया है। इसमें कोई हैरत की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि मदरसे बड़े हो या छोटे, सभी में राष्ट्रगान गाते आए हैं। राष्ट्रीय पर्व हो या मदरसों के वार्षिक कार्यक्रम, उनमें हमेशा से राष्ट्रगान गाया जाता रहा है। कहा कि हम लोग पहले भी राष्ट्रगान गाते आए हैं, अभी भी गाएंगे इसमें दिक्कत की कोई बात ही नहीं है।