यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की ग्रेडिंग करने वाली नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिएशन काउंसिल (नैक) अपना पैटर्न बदलने की तैयारी कर रही है। अगले एक महीने में नए पैटर्न की घोषणा कर दी जाएगी।
इसके अलावा इसी साल से सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी के लिए नैक से ग्रेडिंग कराना अनिवार्य हो जाएगा। जानकीपुरम विस्तार स्थित सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) में शुक्रवार को आए नैक की एग्जीक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नैक की ग्रेडिंग की पूरी प्रक्रिया को बदला जा रहा है। अगले 20-25 दिन में नया पैटर्न तय कर लिया जाएगा। कोशिश है कि नए पैटर्न में ग्रेडिंग तय करने की प्रक्रिया के समय पूरी पारदर्शिता रहे।
नया पैटर्न इसी साल से लागू कर दिया जाएगा। इसकी सूचना भी सभी कॉलेज व यूनिवर्सिटीज को भेज दी जाएगी, ताकि संस्थान अपनी तैयारी पूरी कर सकें। नैक का यह फैसला उस समय आया है जब कुछ निजी संस्थाओं की ग्रेडिंग पर सवाल उठाए थे।
प्रो. चौहान ने बताया कि नैक की ग्रेडिंग प्रक्रिया को प्रभावी भी बनाने की भी कवायद चल रही है। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के साथ कई राउंड वार्ता हो चुकी है।
इसके बाद अब तय हुआ है कि सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटीज के लिए इसे अनिवार्य कर दिया जाए। यह अनिवार्यता निजी, सरकारी, केंद्र और राज्य के शैक्षिक संस्थानों पर लागू होगी।
कोर्स का संचालन कर रही वैज्ञानिक संस्थाओं को भी नैक की ग्रेडिंग के दायरे में लाया जा सकता है। इसका नोटिफिकेशन एमएचआरडी जल्द ही जारी कर देगा। इससे अभी तक नैक की ग्रेडिंग से बचने वाली शैक्षिक संस्थाओं को अपनी गुणवत्ता सुधारने का दबाव बनेगा।