वसीम रिजवी उर्फ जीतेंद्र नारायण त्यागी
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लखनऊ में वक्फ संपत्तियों में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच व सुनवाई के बाद शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने शुक्रवार को जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी सहित छह वक्फ संपत्तियों के मुतवल्लियों को बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई की जद में वसीम के खास व बोर्ड के सदस्य सैयद फैजी भी आए हैं। वहीं सात अन्य वक्फ संपत्तियों के मुतवल्लियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा बोर्ड ने 23 वक्फ संपत्तियों के नए मुतवल्लियों की नियुक्ति की है।
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने बताया कि तमाम वक्फ संपत्तियों में भ्रष्टाचार की शिकायतें बोर्ड को मिली थी। जांच और सभी पक्षों की सुनवाई के बाद बोर्ड ने बैठक कर मुतवल्लियों को बर्खास्त किया है। उन्होंने कहा कि कर्बला मलका जहां में जितेंद्र नारायण त्यागी और सैयद फैजी को वक्फ अधिनियम के विपरीत कार्य करने पर बर्खास्त किया गया है। हालांकि सैयद फैजी जांच पूरी होने तक कर्बला तालकटोरा के मुतवल्ली बने रहेंगे। वसीम रिजवी काजमैन स्थित शिया यतीमखाने के भी मुतवल्ली अब नहीं रहेंगे।
चेयरमैन ने कहा कि यतीमखाने की कमेटी पर अधिनियम के विपरीत कार्य करने की वजह से वसीम को बर्खास्त कर मौलाना मो. मियां कुम्मी की अध्यक्षता में बनी नई कमेटी को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा राजाजीपुरम की कर्बला इमदार हुसैन खान के मुतवल्ली असद अली, कर्बला सज्जादिया कदीम, कर्बला अब्बासबाग के मुतवल्लियों को भी उनके पद से हटा दिया गया है। नक्खास स्थित इमामबाड़ा इकरामउल्लाह खान, मजार शहीदे सालिस, दरिया वाली मस्जिद, कानपुर की वक्फ हादी बेगम, हाजरा बेगम, सरदार बेगम को अंतिम सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है।
दरगाह हजरत अब्बास पर बोर्ड का नियंत्रण
रुस्तमनगर स्थित दरगाह हजरत अब्बास की मौजूदा कमेटी को वक्फ अधिनियम के खिलाफ कार्य करने पर बोर्ड ने बीते 10 साल की वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए कमेटी को बर्खास्त कर दरगाह को सीधे अपने नियंत्रण में ले लिया है। बोर्ड ने सामाजिक कार्यकर्ता मीसम रिजवी को दरगाह का प्रशासक नियुक्त कर दिया है।